अस्पतालों में भी सुरक्षित नहीं है मरीज, इस तरह दिया जा रहा वारदातों को अंजाम

Edited By Urmila,Updated: 24 May, 2022 11:20 AM

patients are not safe even in hospitals the crimes being executed in this way

गुरु नानक देव अस्पताल में सीटी स्कैन करवाने के लिए आने वाले मरीज सुरक्षित नहीं हैं। गंभीर बीमार मरीजों को निशाना बनाकर उनकी वाली चोरी...

अमृतसर (दलजीत): गुरु नानक देव अस्पताल में सीटी स्कैन करवाने के लिए आने वाले मरीज सुरक्षित नहीं हैं। गंभीर बीमार मरीजों को निशाना बनाकर उनकी वाली चोरी की जा रही हैं। पठानकोट निवासी सिम्मी की सीटी स्कैन जांच दौरान अस्पताल के स्टाफ ने मरीज की सोने की वाली चोरी कर ली, जब रिश्तेदारों ने मामले का जायजा लिया तो उसे पुलिस ने पकड़ लिया और उसने चोरी करने की बात कबूली। फिलहाल मरीज की मौत हो चुकी है और पुलिस स्थिति की निशानदेही पर सुनार की खोज कर रही है।

जानकारी अनुसार पठानकोट निवासी सिम्मी को 5 मई को गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। उसके गुर्दे और जिगर में इंफेक्शन था। प्राथमिक जांच के बाद डाक्टर ने सीटी स्कैन करने के लिए कहा। चार मुलाजिम उनको सीटी स्कैन रूम में ले गए। सिम्मी के बालों में एक लोहे की क्लिप लगी हुई थी। सीटी स्कैन करने वाले टैक्नीशियन ने 88 फुट रोड के निवासी को क्लिप उतारने के लिए कहा। इस दौरान दर्जा चार के मुलाजिम ने सिम्मी के कानों में से सोने की वाली भी उतार ली। सीटी स्कैन करवाने के बाद जब चारों मुलाजिम सिम्मी को लेकर वार्ड में पहुंचे तो कानों में से वाली गायब थी। 

सिम्मी के दामाद जोली ने अस्पताल प्रशासन और अस्पताल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा मुलाजिमों के इंचार्ज जोगिन्द्र सिंह को सूचना दी। जोगिन्द्र सिंह ने जांच के बाद चारों मुलाजिमों को पकड़ कर पुलिस हवाले कर दिया। पूछताछ दौरान मुलाजिम ने माना कि उन्होंने यह वाली किसी सुनार को बेची थी। यहां सोमवार को सिम्मी की मौत हो गई। पुलिस ने दर्जा चार कर्मचारी के निशानदेही पर सुनार की खोज करनी शुरू कर दी है।

अस्पताल में पहले भी हो चुकी हैं चोरी की कई वारदातें, पुलिस प्रशासन खामोश
दूसरी तरफ समाज सेवक जय गोपाल लाली ने बताया कि अस्पताल में चोरी की घटनाएं अक्सर घटतीं रहती हैं। मरीजों को निशाना बनाया जा रहा है, मरीजों के रिश्तेदारों की तरफ से कई बार चोर पकड़े जा चुके हैं परन्तु पुलिस प्रशासन ठोस कार्यवाही करने की बजाय न तो मामले की गहराई के साथ जांच करता है और न ही पीड़ित को इंसाफ मिलता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सुरक्षा के बावजूद चोरी की घटनाएं घट रही हैं। सरकार को इस मामले का नोटिस लेना चाहिए। पहले ही मरीज पीड़ित हालत में अस्पताल आता है और बाद में उसके सामान की चोरी होने पर वह और परेशान हो जाता है। यह वह मामला है जो सामने आया है परन्तु कई ऐसे मामले हैं, जिनकी कोई रिपोर्ट ही नहीं आई और वह इंसाफ के लिए भटक रहे हैं।

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