पंजाब केसरी होटल एक्शन पर बोले Majithia– ‘‘मीडिया को डराने की कोशिश में जुटी पंजाब सरकार’

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 17 Mar, 2026 11:02 PM

majithia speaks on punjab kesari hotel action

पंजाब केसरी ग्रुप के होटल पर की गई कार्रवाई पर बिक्रम मजीठिया ने तीखा हमला बोला है। मजीठिया ने टवीट जारी कर कहा है कि ''जो भी उनसे सहमत नहीं होता, उसके खिलाफ बुल्डोजर चला दिया जाता है। ‘जगबाणी’ और ‘पंजाब केसरी’, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, अब...

पंजाब डैस्क : पंजाब केसरी ग्रुप के होटल पर की गई कार्रवाई पर बिक्रम मजीठिया ने तीखा हमला बोला है। मजीठिया ने टवीट जारी कर कहा है कि ''जो भी उनसे सहमत नहीं होता, उसके खिलाफ बुल्डोजर चला दिया जाता है। ‘जगबाणी’ और ‘पंजाब केसरी’, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, अब भगवंत मान द्वारा निशाना बनाए जा रहे हैं और चुनौती दी जा रही है।

पंजाब सरकार दमनकारी रवैया अपनाए हुए है और जालंधर स्थित समूह के होटल पर कार्रवाई कर अपनी मंशा साफ कर दी है कि वह विरोध की आवाज़ को दबाना चाहती है। पंजाब को एक “पुलिस स्टेट” में बदला जा रहा है, जहां सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाज़ों को कुचला जा रहा है।

कार्यवाहक डीजीपी उन लोगों के खिलाफ अपनी ताकत का दुरुपयोग कर रहे हैं, जो तथाकथित “सुपर सीएम” अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सच बोलते हैं। शिरोमणि अकाली दल ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और भरोसा दिलाया है कि वह हर संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ा रहेगा।

 हिंद समाचार पत्र समूह (जगबाणी, पंजाब केसरी) पर सरकारी जुल्म ढाने के लिए भगवंत मान की सरकार तैयार बैठी है।
सरकार चाहती है कि ‘पंजाब केसरी’ और ‘जगबाणी’ में वही खबरें छपें जो उसके मुताबिक हों। अगर कोई ऐसा नहीं करता, तो उसे सरकारी दबाव और कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहना होगा। इससे पहले भी जालंधर से प्रकाशित एक नामी अखबार पर कार्रवाई हो चुकी है।

भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की जोड़ी विरोधियों की आवाज़ को दबाना चाहती है। जिस तरह आज इस समूह के जालंधर स्थित होटल पर कार्रवाई की गई है, उसकी शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप और मैंने कड़ी निंदा की है।

मजीठिया ने कहा कि वह हिंद समाचार पत्र समूह की मैनेजमेंट को भरोसा दिलाता हैं कि शिरोमणि अकाली दल हर संघर्ष में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा, चाहे संघर्ष कैसा भी हो। पंजाब इस समय गैंगलैंड, ड्रग्स लैंड और मर्डर लैंड बन चुका है। सरकार नहीं चाहती कि इन सच्चाइयों की खबरें ‘जगबाणी’ और ‘पंजाब केसरी’ में छपें, क्योंकि इससे लोगों को हकीकत का पता चलता है। इसी कारण भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल हर तरीके से इन खबरों को रुकवाना चाहते हैं। प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिसे किसी भी दबाव से दबाया नहीं जा सकता। ‘जगबाणी’ और ‘पंजाब केसरी’ सच और हक की आवाज़ उठाते रहेंगे — न डरेंगे, न झुकेंगे।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!