Edited By Kalash,Updated: 08 Mar, 2026 11:04 AM

क्षेत्र में मौसम धीरे-धीरे बदलने लगा है और गर्मी का असर महसूस होने लगा है।
जालंधर (धवन): क्षेत्र में मौसम धीरे-धीरे बदलने लगा है और गर्मी का असर महसूस होने लगा है। पिछले कुछ दिनों से दिन के समय तापमान में लगातार बढ़ौतरी दर्ज की जा रही है, जिससे सर्दियों का मौसम अब लगभग समाप्त हो चुका है और गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय क्षेत्र में दिन का तापमान लगभग 30-34 डिग्री सैल्सियस तक पहुंच रहा है, जबकि रात का तापमान अभी भी अपेक्षाकृत कम यानी 14-19 डिग्री सैल्सियस के आसपास बना हुआ है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बनी रहती है, लेकिन दोपहर में धूप तेज महसूस होने लगी है।
एलर्जी व थकान जैसे लक्षणों से सावधान रहें : डा. विजय महाजन
टैगोर अस्पताल के प्रमुख डा. विजय महाजन ने कहा कि मौसम में अचानक बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, एलर्जी और थकान जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसलिए लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे और बढ़ौतरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है, ताकि गर्मी के प्रभाव से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दिन का तापमान और बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और स्पष्ट दिखाई देगा।
फरवरी सूखा रहा, नाक व गले की एलर्जी का खतरा : डा. यश शर्मा
सैंट्रल अस्पताल के प्रमुख डा. यश शर्मा ने कहा कि इस वर्ष मौसम में असामान्य बदलाव देखने को मिल रहा है। फरवरी महीना लगभग पूरी तरह सूखा रहा और बहुत कम वर्षा दर्ज की गई, जबकि मार्च की शुरुआत सामान्य से अधिक तापमान के साथ हुई है। मौसम में इस तरह के अचानक बदलाव के कारण लोगों में वायरल संक्रमण, एलर्जी, नाक से संबंधित एलर्जी, गले में खराश, साइनस की समस्या और थकान जैसे रोगों के मामले बढ़ने की संभावना रहती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में कुछ साधारण सावधानियां अपनाकर बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। सबसे पहले शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए मौसमी फलों और संतुलित आहार का सेवन करना जरूरी है। इसके साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। सूखे मौसम में बढ़ने वाली धूल और परागकण से भी खुद को सुरक्षित रखना चाहिए। विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि वायरल संक्रमण से बचाव के लिए हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
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