Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Mar, 2026 05:28 PM

पंजाब के बरनाला में आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों ने आज अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर वादा खिलाफी के गंभीर आरोप लगाए।
पंजाब डैस्क : पंजाब के बरनाला में आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों ने आज अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर वादा खिलाफी के गंभीर आरोप लगाए। यूनियन नेताओं ने कहा कि मौजूदा सरकार से उन्हें बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने कहा, “चुनाव के समय वादा किया गया था कि सरकार बनने पर आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों का 2500 रुपये मानदेय दोगुना किया जाएगा, लेकिन अफसोस है कि अभी तक कुछ भी नहीं हुआ।”
नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि सरकार उनसे बहुत कम मानदेय पर बहुत ज्यादा काम करवा रही है, जो कि सरासर अन्याय है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आशा वर्करों को कम से कम 24,000 रुपये प्रति माह (800 रुपये प्रतिदिन) के हिसाब से वेतन दिया जाए। 2500 रुपये मानदेय को सालाना बढ़ोतरी (इंक्रीमेंट) सहित दोगुना किया जाए। रुके हुए इंसेंटिव तुरंत बहाल किए जाएं और फैसिलिटेटरों का टूर भत्ता 500 रुपये प्रति टूर किया जाए। इसके अलावा सेवानिवृत्त हो चुकी वर्करों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पेंशन की सुविधा दी जाए। नेताओं ने कहा कि पिछली सरकारों की तरह यह सरकार भी निकम्मी साबित हुई है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में इस संघर्ष को और भी तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और पंजाब सरकार की होगी।