Edited By Urmila,Updated: 28 Jan, 2026 02:39 PM

जालंधर शहर के सारे विज्ञापनों से संबंधित 13.71 करोड़ रुपए का एडवर्टाइजमैंट टैंडर क्रिएटिव ओ.ओ.एच. कंपनी को अलॉट कर दिया गया है।
जालंधर (खुराना) : जालंधर शहर के सारे विज्ञापनों से संबंधित 13.71 करोड़ रुपए का एडवर्टाइजमैंट टैंडर क्रिएटिव ओ.ओ.एच. कंपनी को अलॉट कर दिया गया है। पिछले सप्ताह कंपनी के साथ एग्रीमेंट होने के बाद वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया। वर्क ऑर्डर जारी होते ही नगर निगम को विज्ञापनों से कमाई शुरू हो गई है, जो पिछले लगभग सात वर्षों से बंद पड़ी थी। इस टैंडर को अंतिम रूप तक पहुंचाने में मेयर वनीत धीर की सक्रिय भूमिका और लगातार प्रयासों को अहम माना जा रहा है।
टैंडर लागू होने के साथ ही नगर निगम ने शहर में अवैध विज्ञापनों के खिलाफ विशेष अभियान भी शुरू कर दिया है। निगम की सीमा में सड़कों के किनारे, दीवारों, इमारतों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए सभी अवैध बैनर, होर्डिंग, पोस्टर, वॉल पेंटिंग, फ्लेक्स, ट्रैफिक मीडिया और किसी भी प्रकार की डिफेसमैंट को हटाया जा रहा है।
निगम अधिकारियों ने बताया कि विज्ञापन टेंडर को विधिवत लागू कर दिया गया है और अब किसी भी व्यक्ति, संस्था, संगठन या कंपनी को बिना अनुमति के कहीं भी विज्ञापन लगाने की इजाजत नहीं है। अधिकृत स्थानों पर भी केवल वही विज्ञापन लगाए जा सकेंगे, जो टेंडर की शर्तों और नगर निगम के नियमों के अनुसार पूरी तरह स्वीकृत होंगे।
मेयर और निगम कमिश्नर ने सभी विज्ञापन एजेंसियों, विज्ञापनदाताओं और संस्थाओं से अपील की है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और विज्ञापनदाता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एफआईआर दर्ज करना, जुर्माना लगाना और अवैध विज्ञापन सामग्री को तुरंत हटाना शामिल होगा। गौरतलब है कि हाल ही में निगम ने एक तांत्रिक के खिलाफ अवैध पोस्टर लगाने के आरोप में एफ.आई.आर. दर्ज करवाई है ।
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