पुलिस रेड के बाद निहंग सिंह की मौ/त, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

Edited By Kalash,Updated: 09 Jun, 2026 04:32 PM

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अमृतसर के मजीठा हलका के गांव बाबूवाल में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब एक निहंग सिंह व्यक्ति की मौत के बाद उसके परिवार वालों ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और इंसाफ की मांग की।

अमृतसर (रमन): अमृतसर के मजीठा हलका के गांव बाबूवाल में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब एक निहंग सिंह व्यक्ति की मौत के बाद उसके परिवार वालों ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और इंसाफ की मांग की। परिवार का कहना है कि पुलिस द्वारा की गई रेड के दौरान घर के मैंबरों से मारपीट की गई जिस कारण परिवार के मुखिया की हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर पुलिस ने सभी आरोपों को पूरी तरह से नकारते हुए कहा कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।

मृतक के परिवार वालों ने बताया कि सुबह-सुबह पांच पुलिस वाले उनके घर पहुंचे और घर की तलाशी ली। परिवार का दावा है कि पुलिस ने बिना कोई सही सबूत के घर के मैंबरों से बदसलूकी की और उन्हें पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान मृतक और उसके बेटे से कथित तौर पर मारपीट की गई। परिवार वालों का कहना है कि उनके हाथ-पैर पर चोट के निशान हैं और पुलिस ने उन पर डंडों से हमला किया।

घटना के एक चश्मदीद ने दावा किया कि उसने पुलिस और परिवार के बीच झड़प अपनी आंखों के सामने देखी। उसने कहा कि मृतक की उम्र करीब 65 साल थी और उसे बहुत बुरी तरह पीटा गया। गांव वालों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अक्सर लोगों को उनके घरों से उठा लेती है और बाद में उनके खिलाफ केस दर्ज करती है।

मृतक के बेटे ने बताया कि पुलिस उसके पिता और भाई को घर आते ही अपने साथ ले गई। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसके पिता की बाजुएं तक तोड़ दी और बेरहमी से मारपीट की। परिवार का कहना है कि भले मृतक नशे का आदी था, लेकिन उसने कभी नशा बेचने का काम नहीं किया। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें नौकरी से निकालने की मांग की है। परिवार ने ऐलान किया है कि जब तक मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होती, वे मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस मामले में गांव में विरोध का माहौल है और लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं। विरोध कर रहे परिवार वालों द्वारा टाली साहिब रोड पर शव रख कर रोष प्रदर्शन किया गया। 

इस बीच मजीठा थाने के DSP कमल मीत सिंह रंधावा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि परिवार की तरफ से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि दलेर सिंह के खिलाफ पहले भी कई केस दर्ज थे और पुलिस एक जांच के सिलसिले में रेड करने गई थी। DSP के मुताबिक रेड के बाद पुलिस पार्टी वापस आ गई और बाद में उस व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पुलिस की तरफ से किसी तरह की मारपीट नहीं की गई।

DSP ने कहा कि मृतक के शरीर पर दिख रही चोटों और मौत के कारणों के बारे में साफ जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में माहौल गमगीन और तनावपूर्ण बना हुआ है, जबकि परिवार और गांव वाले इंसाफ की मांग पर अड़े हुए हैं। अब सबकी निगाहें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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