Edited By Subhash Kapoor,Updated: 24 Apr, 2026 08:52 PM

समराला चौक जैसे व्यस्त इलाके में नगर निगम की बड़ी लापरवाही के कारण एक मासूम बच्चा मौत के मुंह में जाते-जाते बचा। सड़क किनारे खुले पड़े गटर में गिरे इस बच्चे को स्थानीय लोगों ने अपनी जान पर खेलकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
लुधियाना (राज): समराला चौक जैसे व्यस्त इलाके में नगर निगम की बड़ी लापरवाही के कारण एक मासूम बच्चा मौत के मुंह में जाते-जाते बचा। सड़क किनारे खुले पड़े गटर में गिरे इस बच्चे को स्थानीय लोगों ने अपनी जान पर खेलकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद निगम के अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार लवप्रीत सिंह ने बताया कि दोपहर के समय कुछ बच्चे सड़क किनारे खेल रहे थे। खेलते-खेलते एक मासूम बच्चे का अचानक पैर फिसल गया और वह सीधे खुले गटर के अंदर जा गिरा। बच्चे को आंखों के सामने ओझल होता देख उसके साथ खेल रहे अन्य साथियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर तुरंत मौके पर जमा हो गए। गटर काफी गहरा था, जिसके कारण बच्चे को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। स्थानीय निवासियों ने बिना समय गंवाए तुरंत रस्सी का इंतजाम किया। कुछ नौजवानों ने हिम्मत दिखाई और काफी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सही समय पर मदद मिलने के कारण बच्चे की जान बच गई, हालांकि वह बुरी तरह सहमा हुआ था।
सूचना मिलने पर बच्चे के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। इलाका निवासियों ने नगर निगम पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस गटर का ढक्कन कई दिनों से टूटा हुआ है। इस संबंध में संबंधित विभाग को सूचित भी किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे ठीक करने की जहमत नहीं उठाई। लोगों ने चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे कई और भी खुले गटर हैं जो हादसों को न्योता दे रहे हैं। समराला चौक के दुकानदारों और मोहल्ला वासियों ने प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और तुरंत प्रभाव से सभी खुले गटरों को ढक्कन लगाकर बंद किया जाए।
