Edited By Kalash,Updated: 11 Jan, 2026 05:24 PM

निश्चित आवाज के अनुसार रखने के आदेश दिए गए हैं।
जालंधर : पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के मद्देनजर पब्लिक इमरजेंसी को छोड़कर साइलेंस जोनों या रिहायशी इलाकों में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक हॉर्न बजाने पर पाबंदी लगा गई है।
माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के हवाले से पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेशों के तहत जनतक जगहों की सीमा पर जहां लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम या कोई भी आवाज पैदा करने वाले स्रोत का इस्तेमाल किया जा रहा है कि आवाज इलाके के लिए निश्चित आवाज के अनुसार रखने के आदेश दिए गए हैं।
आदेशों के अनुसार कोई भी व्यक्ति रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच (पब्लिक इमरजेंसी को छोड़कर) मैरिज पैलेस और होटलों में ढोल या भोंपू, आवाज पैदा करने वाला कोई यंत्र, साउंड एम्पलीफायर और डी.जे. आदि नहीं बजाएगा। इसी तरह प्राइवेट साउंड सिस्टम या आवाज पैदा करने वाले यंत्र का शोर का स्तर प्राइवेट जगह की सीमा क्षेत्र के लिए तय शोर मापदंड़ों 5 डी.बी.(ए) से अधिक नहीं होगा।
आदेशों में यह भी कहा गया है कि म्यूजिक सिस्टम वाले वाहनों के मामले में यह सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए है कि म्यूजिक सिस्टम से पैदा होने वाली आवाज दिन के किसी भी समय वाहन से बाहर सुनाई न दे। अगर इन आदेशों का उल्लंघन पाया जाता है तो ऐसा करने वाले साउंट यंत्र जब्त कर लिए जाएंगे। यह आदेश 8.3.2026 तक लागू रहेंगे।
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