डिफाल्टरों पर होगी बड़ी कार्रवाई! रजिस्ट्री और बिजली कनैक्शन पर रोक लगाने की तैयारी

Edited By Kalash,Updated: 27 Sep, 2026 10:49 AM

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महानगर में बड़ी संख्या में अवैध रूप से बन रही कालोनियों के अलावा ऐसी कालोनियों का आंकड़ा भी काफी ज्यादा है जिन्होंने रैगुलर करवाने के लिए अप्लाई करने के बाद फीस जमा नहीं करवाई।

लुधियाना (हितेश): महानगर में बड़ी संख्या में अवैध रूप से बन रही कालोनियों के अलावा ऐसी कालोनियों का आंकड़ा भी काफी ज्यादा है जिन्होंने रैगुलर करवाने के लिए अप्लाई करने के बाद फीस जमा नहीं करवाई। यह खुलासा नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी द्वारा पेंडिंग रैवेन्यू की रिकवरी के लिए चलाई गई मुहिम के दौरान हुआ है जिसके आधार पर उन्होंने बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चारों जोनों में स्थित इस कैटेगरी की कालोनियों के रिकॉर्ड की स्क्रूटनी की जाए जिन्होंने रैगुलर करवाने के लिए अप्लाई करने के सालों बाद भी फीस जमा नहीं करवाई है।

इस पैंडिंग रैवेन्यू का आंकड़ा करोड़ों में बताया जा रहा है जिसकी वसूली के लिए संबंधित कालोनियों के मालिकों को नोटिस जारी करने का फैसला किया गया है जिसके बावजूद बकाया फीस जमा न करवाने वाली कालोनियों पर रजिस्ट्रियों बंद करने सहित पानी-सीवरेज, बिजली के कनैक्शन व नक्शे पास करने पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा सकती है।

पैंडिंग चालानों के रूप में 27 साल से अटका हुआ 42 करोड़ से ज्यादा का रैवेन्यू 

बिल्डिंग ब्रांच से संबंधित रैवेन्यू की वसूली न होने का मामला अवैध कालोनियों के साथ बिल्डिंगों से भी जुड़ा हुआ है। यह खुलासा खुद नगर निगम द्वारा आर.टी.आई. के तहत मुहैया करवाई गई सूचना के रूप में हुआ है जिसके तहत 1997-99 से लेकर अब तक अवैध रूप से बिल्डिंग बनाने के आरोप में जो चालान जारी किए गए, उनका 42 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना जमा नहीं हुआ जिसके मद्देनजर कमिश्नर द्वारा पैंडिंग चालानों की असैसमैंट करके बकाया रैवेन्यू की रिकवरी के टारगेट फिक्स करने के निर्देश भी बिल्डिंग ब्रांच की मीटिंग के दौरान दिए गए हैं। इस संबंध में प्रोग्रैस रिपोर्ट चेक करने के लिए रैगुलर मॉनीटरिंग करने की बात कही गई है।

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