पंजाब में बिजली संकट के बीच बड़ा झटका, रोपड़ थर्मल के 3 यूनिट बंद, लुधियाना में हड़कंप

Edited By Urmila,Updated: 16 Sep, 2026 11:45 AM

a major setback amidst rising electricity demand

पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग के बीच सप्लाई को लेकर संकट लगातार गहराता जा रहा है।

लुधियाना/चंडीगढ़: पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग के बीच सप्लाई को लेकर संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य में पिछले कुछ दिनों से बिजली की डिमांड 16 हजार मेगावाट से ऊपर बनी हुई है। दूसरी ओर सरकारी थर्मल प्लांटों के कुछ यूनिट बंद होने से बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ा है। इसका सीधा असर कई इलाकों में बिजली सप्लाई पर दिखाई दे रहा है और लोगों को अघोषित कटों का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा चिंता रोपड़ स्थित सरकारी थर्मल प्लांट को लेकर है। मंगलवार दोपहर बाद से इसके दो यूनिट बंद थे, जबकि बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे तीसरा यूनिट भी बंद हो गया। रोपड़ थर्मल प्लांट में कुल 4 यूनिट हैं और इसकी कुल क्षमता करीब 840 मेगावाट है। फिलहाल चल रहे यूनिट भी पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं कर रहे। यहां करीब 200 मेगावाट बिजली ही पैदा हो रही है।

प्राइवेट प्लांटों से मिल रही राहत

पंजाब के प्राइवेट थर्मल प्लांटों में फिलहाल अपेक्षाकृत बेहतर उत्पादन हो रहा है। तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की कुल क्षमता करीब 1,980 मेगावाट है। यहां तीनों यूनिटों की कुल क्षमता 660-660 मेगावाट है और मौजूदा समय में करीब 1,700 मेगावाट बिजली का उत्पादन बताया जा रहा है। वहीं राजपुरा थर्मल प्लांट की कुल क्षमता 1,400 मेगावाट है। इसके दो यूनिटों से करीब 1,300 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। सरकारी प्लांटों की बात करें तो लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट के चारों यूनिट चल रहे हैं। इसकी कुल क्षमता 920 मेगावाट है और फिलहाल करीब 805 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। वहीं गोइंदवाल थर्मल प्लांट की क्षमता 520 मेगावाट है और इसके एक यूनिट से करीब 430 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।

हाइड्रो से भी मिल रही मदद

बिजली की बढ़ती मांग के बीच हाइड्रो प्रोजेक्ट भी सप्लाई संभालने में योगदान दे रहे हैं। पंजाब में छोटे-बड़े हाइड्रो प्रोजेक्टों से रात के समय करीब 830 मेगावाट, जबकि दिन में करीब 500 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। दूसरी तरफ सोलर प्रोजेक्ट दिन के समय करीब 450 मेगावाट बिजली पैदा कर रहे हैं, लेकिन रात में सोलर से उत्पादन नहीं होता। ऐसे में रात के समय मांग और उपलब्ध बिजली के बीच अंतर बढ़ने से समस्या ज्यादा गंभीर हो जाती है।

केंद्रीय पूल से बिजली खरीद रहा PSPCL

पंजाब में बिजली की डिमांड 16,000 मेगावाट से अधिक पहुंच चुकी है। उत्पादन और मांग के बीच अंतर को पूरा करने के लिए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) केंद्रीय पूल से बिजली खरीद रहा है। मौजूदा स्थिति में PSPCL केंद्रीय पूल से करीब 11,700 मेगावाट तक बिजली ले रहा है। केंद्रीय पूल से महंगी बिजली खरीदने के बावजूद कई क्षेत्रों में कट की स्थिति बनी हुई है।

लुधियाना के हजूरी रोड पर रातभर स्पार्किंग

बिजली संकट के बीच लुधियाना के चौड़ा बाजार स्थित हजूरी रोड पर मंगलवार देर रात हड़कंप मच गया जहां बिजली की तारों में जोरदार स्पार्किंग हुई। इसके बाद इलाके की बिजली सप्लाई बंद हो गई और सुबह तक कई दुकानों व घरों में बिजली नहीं आई। हजूरी रोड के दुकानदार मोहित ने बताया कि पूरी मार्केट में तारों का जाल बिछा हुआ है। हल्की हवा या बारिश होते ही तारों में स्पार्किंग शुरू हो जाती है। उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

दुकानदारों के मुताबिक हजूरी रोड पर कपड़ों की बड़ी मार्केट है और इस तरह तारों में बार-बार स्पार्किंग होना आग लगने के खतरे को बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार देर रात से सुबह तक बिजली बंद रही। अधिकारियों को फोन करने के बावजूद कई बार फोन रिसीव नहीं हुआ।

बिजली कटों के खिलाफ SAD का प्रदर्शन

शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली कटों को लेकर शिरोमणि अकाली दल की ओर से बुधवार को लुधियाना में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया है। पार्टी बिजली सप्लाई की स्थिति और अघोषित कटों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करवाएगी।

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