Edited By Vatika,Updated: 24 Sep, 2026 10:12 AM

शहर में धड़ल्ले से बिक रहे मिलावटी दूध, पनीर और अन्य गैर-मानक खाद्य उत्पादों का मामला अब जिला
जालंधर: शहर में धड़ल्ले से बिक रहे मिलावटी दूध, पनीर और अन्य गैर-मानक खाद्य उत्पादों का मामला अब जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। द एसोसिएशन ऑफ जमशेर डेयरी काम्पलैक्स के पदाधिकारियों ने प्रधान मनजीत सिंह और उपप्रधान मनप्रीत सिंह मंगू के नेतृत्व में डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा और ऐसे मिलावटी व घटिया क्वालिटी के उत्पादों की जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान मनजीत सिंह व मनप्रीत सिंह मंगू ने कहा कि दूध और दूध से बने उत्पाद आम लोगों, विशेषकर बच्चों के आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए इनकी गुणवत्ता और शुद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाजार में नकली अथवा मिलावटी दूध तथा दूध से बने गैर-मानक उत्पादों की समस्या से ईमानदारी से डेयरी फार्मिंग करने वाले किसानों को नुकसान हो रहा है। मनप्रीत मंगू ने डी.सी. से दूध, पनीर व अन्य डेयरी उत्पादों के सैंपल लेकर नियमित जांच, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने की मांग की।
उन्होंने डेयरी किसानों ने दूध के उचित भाव का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि पशुओं की खुराक, चारा, दवाइयों, मजदूरी और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद दूध के रेट में बढ़ोतरी की मांग पर करीब 21 दिनों तक स्पष्ट फैसला नहीं होने से किसानों में असमंजस है। मनजीत सिंह और मनप्रीत सिंह मंगू ने मांग की कि प्रशासन की मौजूदगी में दूध उत्पादकों और संबंधित डेयरी प्रबंधन के बीच बैठक करवाकर लागत के अनुरूप उचित रेट पर समाधान निकाला जाए। डेयरी कारोबारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर उचित कार्रवाई न होने पर वे शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से हड़ताल या रोष प्रदर्शन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे, जिससे शहर में दूध की सप्लाई प्रभावित होने की स्थिति की सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।