Edited By Urmila,Updated: 20 Mar, 2026 02:14 PM

भार्गव कैंप इलाके में घरेलू विवाद के दौरान पुलिस कार्रवाई अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। सामने आई सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जालंधर: भार्गव कैंप इलाके में घरेलू विवाद के दौरान पुलिस कार्रवाई अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। सामने आई सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज में कथित तौर पर एक ASI द्वारा सड़क पर खुलेआम मारपीट करते हुए देखा जा सकता है, जबकि एक महिला को बिना महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में बालों से पकड़कर घसीटने के आरोप भी लगे हैं।
इस मामले ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है। घटना के बाद पुलिस विभाग की ओर से सफाई सामने आई है। एडीसीपी 2 राकेश यादव ने बताया कि मामला घरेलू विवाद से जुड़ा है, जिसमें महिला की ओर से शिकायत दर्ज करवाई गई थी कि उसका बेटा बच्चे को लेकर घर से चला गया है। शिकायत मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी।
एडीसीपी ने कहा कि घटना के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच टकराव क्यों बढ़ा, इसकी ACP स्तर पर जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी पुलिसकर्मी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने इस घटना की निंदा भी की, लेकिन दोनों पक्षों के बयान दर्ज होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया।
दूसरी ओर, पीड़िता ममता ने पुलिस कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा और अमानवीय बताया है। महिला का आरोप है कि सुबह तड़के ASI प्रवीण सिविल ड्रेस में अपने साथियों के साथ घर आया और बातचीत करने की कोशिश करने पर उसे बालों से पकड़कर बाहर खींच लिया। इसके बाद उसके बेटों के साथ भी हाथापाई की गई।
पीड़िता ने बताया कि पारिवारिक विवाद उसकी बहू से जुड़ा है, जो फिलहाल अलग रह रही है। बच्चे की कस्टडी को लेकर ससुराल पक्ष ने थाने में शिकायत दी थी। महिला का यह भी आरोप है कि नाबालिग उम्र में शादी के दौरान भी पुलिस द्वारा उनके परिवार के साथ मारपीट की गई थी।
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