कोरोना से जीती जंग, 3 Positive रोगी हुए ठीक, सिविल अस्पताल से मिली छुट्टी

Edited By Bhupinder Ratta,Updated: 09 Apr, 2020 09:40 AM

battle won from corona 3 positive patients recovered

कोरोना की दहशत के बीच जिले के लोगों के लिए राहत की खबर यह है कि सिविल अस्पताल में उपचाराधीन कोरोना वायरस के 3 पॉजीटिव रोगियों की लगभग 14 दिन बाद रिपोर्ट नैगेटिव आ गई है

जालंधर (रत्ता): कोरोना की दहशत के बीच जिले के लोगों के लिए राहत की खबर यह है कि सिविल अस्पताल में उपचाराधीन कोरोना वायरस के 3 पॉजीटिव रोगियों की लगभग 14 दिन बाद रिपोर्ट नैगेटिव आ गई है जिसके चलते उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि गांव विरक निवासी हरमिन्द्र सिंह (50), बलजिन्द्र कौर (45) तथा हरदीप सिंह (25) उक्त तीनों रोगी गांव पठलावा के बलदेव सिंह (जिनकी कोरोना कारण मौत हो चुकी है) के सम्पर्क में आए थे और इन तीनों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने के बाद इन्हें 20 मार्च को सिविल अस्पताल फिल्लौर दाखिल किया गया था और जब इनकी कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजीटिव आई तो तीनों को तुरन्त सिविल अस्पताल जालंधर में शिफ्ट करके इनका इलाज शुरू किया गया। अस्पताल के सीनियर मैडीकल ऑफिसर डा. कश्मीरी लाल के नेतृत्व में अस्पताल के डाक्टरों व पैरा-मैडीकल स्टाफ द्वारा 14 दिन तक इलाज करने के उपरान्त जब तीनों पॉजीटिव रोगियों के सैम्पल विगत दिवस अमृतसर मैडीकल कॉलेज में जांच के लिए दोबारा भेजे गए तो तीनों की रिपोर्ट नैगेटिव आई और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


कोरोना से डरे नहीं सतर्क रहें : हरजिन्द्र सिंह
कोरोना से जंग जीत कर गांव विरक निवासी हरजिन्द्र सिंह जब सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जाने लगे तो उन्होंने जहां पंजाब सरकार, जिला प्रशासन व सिविल अस्पताल के डाक्टरों तथा पैरा-मैडीकल स्टाफ का आभार प्रकट किया वहीं लोगों के लिए यह भी संदेश दिया कि कोरोना से डरे नहीं बल्कि सतर्क रहें।


कोरोना से बचाव हेतु सोशल डिस्टैंसिंग जरूरी : हरदीप सिंह
कोरोना वायरस की लपेट से निकले गांव विरक निवासी हरदीप सिंह जब ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज होने लगा तो उसने कहा कि उसे अहसास हो गया है कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु सोशल डिस्टैंसिंग बहुत जरूरी है। उसने रा’य सरकार व स्वास्थ्य विभाग का आभार प्रकट किया।


कोरोना की दहशत में सिविल अस्पताल की स्टाफ नर्सों व दर्जा चार कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
उधर, सिविल अस्पताल में ड्यूटी कर रही स्टाफ नर्सों व दर्जा चार कर्मचारियों ने बुधवार को मैडीकल सुपरिटैंडैंट के दफ्तर के बाहर रोष प्रदर्शन करते हुए मांग की कि उन्हें भी ड्यूटी के समय पी.पी.ई. किटें प्रदान की जाएं।प्रधान कांता कुमारी के नेतृत्व में एकत्रित हुई पूजा, सोनिया, रेणु, दविन्द्र, मनजीत कौर, हरप्रीत कौर, नवदीप, उपिन्द्र व अन्य कई स्टाफ नर्सों ने कहा कि सिविल अस्पताल में जहां कोरोना वायरस के संदिग्ध रोगियों को आइसोलेट किया जाता है वहां ड्यूटी देने वाले स्टाफ को पी.पी.ई. किटें नहीं दी जाती जबकि इन्हीं संदिग्ध रोगियों में से ही पॉजीटिव केस निकलते हैं और जब तक इनकी रिपोर्ट आती है तब तक स्टाफ बिना पी.पी.ई. के ही इनके आस-पास रहता है। रोष प्रदर्शन कर रही स्टाफ नर्सों ने कहा कि अगर उन्हें कुछ हो गया तो इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।इस दौरान मैडीकल सुपरिटैंडैंट ने प्रदर्शन कर रही कुछ नर्सों को अपने दफ्तर में बुला कर उन्हें आश्वासन दिया कि आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी देने वाले स्टाफ को पी.पी.ई. किटें इस शर्त पर दी जाएंगी कि वे किट पहन कर वार्ड से बाहर न आएं।

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