हथियार के बल पर ब्लैकमेल कर रचाई शादी, फिर दहेज के लिए बनाया शिकार; बैंक कर्मचारी पत्नी ने सुनाई आपबीती

Edited By Urmila,Updated: 28 Jul, 2026 10:36 AM

bank employee s wife recounts her ordeal

निजी बैंक में नौकरी करने वाली एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि पहले उसे अवैध हथियारों और आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर शादी के लिए मजबूर किया गया।

लुधियाना (राम): निजी बैंक में नौकरी करने वाली एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि पहले उसे अवैध हथियारों और आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर शादी के लिए मजबूर किया गया, फिर शादी के बाद लाखों रुपये ऐंठे गए, दहेज की मांग की गई और आखिर में 20 लाख नहीं लाने पर मारपीट कर घर से निकाल दिया गया।

पुलिस जांच के बाद थाना मोती नगर में पति, ससुर और सास के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर ली गई है। शिकायतकर्त्ता महिला ने पुलिस को बताया कि वह शादी से पहले एक निजी बैंक में कार्यरत थी। इसी दौरान शुभम वशिष्ठ उसके संपर्क में आया। शुभम ने खुद को हथियारबंद और प्रभावशाली बताकर उसे लगातार धमकाया। उसने जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उसकी इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाए तथा आपत्तिजनक तस्वीरें अपने मोबाइल में रख लीं। बाद में इन्हीं तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर 8 जून 2023 को मंदिर में शादी करने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद अदालत से मैरिज प्रोटैक्शन भी ले ली गई।

महिला के अनुसार, जब उसके परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने सामाजिक सम्मान बनाए रखने के लिए 18 जून 2023 को होटल में पूरे रीति-रिवाज से विवाह समारोह कराया। इस दौरान लाखों रुपये खर्च किए गए और सोने के आभूषण सहित दहेज का सामान भी दिया गया। शादी के कुछ ही दिनों बाद पति और ससुराल वालों का असली चेहरा सामने आ गया। पहले उसके नाम पर 2 ए.सी. फाइनैंस करवाए गए जिनकी किस्तें उसी से भरवाई गईं। इसके बाद 20 लाख रुपए की मांग शुरू हो गई। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती, जातिसूचक ताने दिए जाते और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता।

महिला ने आरोप लगाया कि अगस्त 2024 में उसने बैंक 2.82 लाख रुपए का लोन लेकर लगभग 2 लाख रुपए पति के खाते में ट्रांसफर किए। इसके बावजूद प्रताड़ना नहीं रुकी। दिसंबर 2024 में उसके माता-पिता ने भी 5 लाख रुपए नकद दिए। सितंबर 2025 में उसने एच.डी.एफ.सी. बैंक से 5 लाख रुपए का एक और लोन लिया जिसमें से शेष रकम भी पति और ससुराल पक्ष को दे दी। इसके अलावा उसकी पूरी तनख्वाह भी जबरन ले ली जाती थी। महिला का आरोप है कि पति अक्सर पिस्तौल और अन्य हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी देता था। वह कहता था कि यदि 20 लाख रुपए नहीं मिले तो उसे खत्म कर देगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा।

शिकायत के मुताबिक 16 दिसम्बर 2025 को जब उसने 20 लाख रुपए लाने से इन्कार कर दिया तो पति, सास और ससुर ने मिलकर उसकी पिटाई की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। तब से वह अपने मायके में रह रही है। महिला का यह भी आरोप है कि बाद में उसे डराने के लिए पति सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें पोस्ट करता रहा।

पुलिस कमिश्नर की मंजूरी के बाद दर्ज हुई एफ.आई.आर.

मामले की जांच ए.डी.सी.पी. (ऑप्रेशन) रमनदीप सिंह भुल्लर ने की। जांच के दौरान शिकायतकर्त्ता के बयान, व्हाट्सएप चैट और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया महिला के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त आधार मिलने की बात कही गई। रिपोर्ट में पति शुभम वशिष्ठ, ससुर कृष्णकांत वशिष्ठ और सास रमा वशिष्ठ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई। पुलिस कमिश्नर की मंजूरी मिलने के बाद थाना मोती नगर में एफ.आई.आर. दर्ज कर ली गई। मामले की आगे की जांच ए.एस.आई. सुभाष राज को सौंपी गई है।

पति ने लगाए झूठा केस दर्ज करवाने के आरोप

दूसरी ओर, जांच के दौरान शुभम वशिष्ठ ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उसका कहना है कि दोनों करीब 5 वर्षों तक रिश्ते में रहे और शादी पूरी तरह आपसी सहमति से हुई थी। उसने दहेज लेन और प्रताड़ना के आरोपों को झूठा बताया तथा दावा किया कि उसकी पत्नी स्वयं घर छोड़कर चली गई थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

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