Edited By Kamini,Updated: 30 Jul, 2026 06:19 PM

अमृतसर के मजीठा विधानसभा क्षेत्र के गांव तनेल में एक युवक को कथित तौर पर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है।
अमृतसर (रमन) : अमृतसर के मजीठा विधानसभा क्षेत्र के गांव तनेल में एक युवक को कथित तौर पर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला के साथ कथित नाजायज संबंध के शक में महिला के परिवार वाले युवक को सड़क से किडनैप करके अपने घर ले गए, जहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि युवक काम पर जा रहा था, तभी मोटरसाइकिल सवार कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और पकड़ लिया। परिवार का कहना है कि पहले उसे सड़क पर पीटा गया और बाद में बोरे में बंद करके एक घर में ले जाया गया, जहां उसे लगातार पीटा गया। परिवार का यह भी आरोप है कि युवक को दूसरी मंजिल से फेंका गया, जिससे उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज करा रहा है। पीड़ित की मां और परिवार के दूसरे सदस्यों ने आरोप लगाया कि जब वे अपने बेटे को बचाने पहुंचे तो उन्हें भी धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। उनका कहना है कि पुलिस ने जो बयान दर्ज किए, उनमें उनकी कहानी पूरी तरह शामिल नहीं की गई। परिवार ने न्याय की मांग की और चेतावनी दी कि अगर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे संघर्ष का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर गांव के मौजूदा सरपंच और आम आदमी पार्टी से जुड़े मंदीप सिंह भी पीड़ित परिवार के पक्ष में खड़े हुए और कहा कि कानून किसी को भी मामले अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं देता। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह का झगड़ा था तो उसे कानूनी तरीकों या आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और कुछ लोगों के राजनीतिक संरक्षण के कारण गांव में गुंडागर्दी का माहौल बना हुआ है। सरपंच ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर, पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए किडनैपिंग, हत्या की कोशिश, गंभीर चोट पहुंचाने और दूसरी संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 7 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 2 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। पुलिस ने यह भी साफ किया कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और CCTV फुटेज, वीडियो और दूसरे सबूतों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में कोई राजनीतिक दबाव नहीं है और सिर्फ तथ्यों और सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
मामले की अभी जांच चल रही है। पीड़ित परिवार, सरपंच और दूसरे स्थानीय लोगों ने कई आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सारी बातें साफ होंगी। इस घटना ने गांव में कानून-व्यवस्था और सामाजिक तनाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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