Edited By Urmila,Updated: 16 Sep, 2026 01:15 PM

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान नगर कौंसिल तरनतारन में सामने आए करोड़ों रुपए के कथित घोटाले के मामले में बड़ी विभागीय कार्रवाई की गई है।
तरनतारन (रमन) : कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान नगर कौंसिल तरनतारन में सामने आए करोड़ों रुपए के कथित घोटाले के मामले में बड़ी विभागीय कार्रवाई की गई है। स्थानीय निकाय विभाग के सचिव की ओर से मामले की जांच के बाद नगर कौंसिल की तत्कालीन ई.ओ. शरणजीत कौर को नौकरी से स्थायी रूप से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि क्लर्क नरिंदर देवगन की पांच वेतन वृद्धियों पर रोक लगा दी गई है।
इस मामले की जांच विजिलेंस विभाग की ओर से भी की गई थी। जांच के दौरान तत्कालीन ई.ओ. शरणजीत कौर के अलावा क्लर्क नरिंदर देवगन तथा एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। इसके साथ ही स्थानीय निकाय विभाग के स्तर पर भी मामले की अलग से विभागीय जांच चल रही थी।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद विधानसभा क्षेत्र तरनतारन में विभिन्न विकास कार्य करवाए गए थे। इसी दौरान नगर कौंसिल तरनतारन में करोड़ों रुपए की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद यह मामला काफी चर्चा में रहा। उस समय तरनतारन से कांग्रेस विधायक रहे डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री के पुत्र संदीप अग्निहोत्री और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी आरोप सामने आए थे, जिनकी विजिलेंस विभाग की ओर से जांच की गई।
जांच के दौरान कथित तौर पर फर्जी कंपनियां बनाकर बिल पास करवाने और सरकारी धन के दुरुपयोग संबंधी तथ्य सामने आने का दावा किया गया था। इस मामले में तत्कालीन ई.ओ. शरणजीत कौर के साथ क्लर्क राजीव कुमार और क्लर्क नरिंदर कुमार लक्की देवगन की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी। राजीव कुमार का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है, जबकि शरणजीत कौर और नरिंदर देवगन के खिलाफ विजिलेंस की ओर से कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान डॉ. संदीप अग्निहोत्री की पत्नी ज्योति अग्निहोत्री को भी मामले में नामजद किया गया था। इस पूरे प्रकरण की स्थानीय निकाय विभाग पंजाब के सचिव घनश्याम थोरी के स्तर पर भी जांच की जा रही थी।
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