Edited By Kalash,Updated: 30 Mar, 2026 10:17 AM

पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आगाज के साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को एक बड़ी राहत दी है।
लुधियाना (विक्की): पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आगाज के साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को एक बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अपनी सभी पाठ्यपुस्तकों (टैक्स्ट बुक्स) पर 15 प्रतिशत की सीधी छूट देने की घोषणा की है। इस फैसले से न केवल हजारों परिवारों का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि किताबों की खरीद-फरोख्त में होने वाली धांधली पर भी लगाम लगेगी।
किताबों की बिक्री को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड ने अपना एक विशेष 'ई-कॉमर्स पोर्टल' तैयार किया है। यह पोर्टल 1 अप्रैल से पूरी तरह चालू (ऑप्रेशनल) हो जाएगा। बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब सभी संबद्ध (एफिलिएटेड) स्कूलों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे विद्यार्थियों को इस पोर्टल के माध्यम से किताबें उपलब्ध करवाने में पूरी सहायता करें।
ज्यादा पैसे वसूले तो स्कूलों पर गिरेगी गाज
बोर्ड ने स्कूलों को सख्त हिदायत दी है कि वे निर्धारित छूट वाली कीमत से एक भी रुपया अधिक किसी भी विद्यार्थी या अभिभावक से नहीं ले सकते। पी.एस.ई.बी. ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी स्कूल नियमों का उल्लंघन करते हुए या ओवर-चार्जिंग करते हुए पाया गया तो बोर्ड इसे बेहद गंभीरता से लेगा और उस स्कूल के खिलाफ सख्त प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अभिभावकों को मिलेगी कमीशनखोरी से मुक्ति
अक्सर देखा जाता है कि नए सत्र की शुरुआत में किताबों की कीमतों को लेकर अभिभावकों में भारी रोष रहता है। कई स्कूलों पर महंगी दरों पर किताबें बेचने या खास दुकानों से ही सैट खरीदने के लिए मजबूर करने के आरोप लगते रहे हैं। बोर्ड की इस नई पहल से अब सीधे तौर पर विद्यार्थियों को लाभ पहुंचेगा और स्कूलों की भूमिका केवल एक सुविधा प्रदाता (फैसिलिटेटर) की रह जाएगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिजिटल मॉडल से किताबों की किल्लत खत्म होगी और पूरे राज्य में कीमतों में एकरूपता आएगी।
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