विजीलैंस दफ्तर रिश्वत कांड में नया मोड़!  CBI की FIR में बड़ा खुलासा

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 15 May, 2026 06:33 PM

new twist in vigilance office bribery scandal

पंजाब विजीलैंस ब्यूरो भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी (सी.बी.आई.) की ओर से दर्ज उक्त भ्रष्टाचार मामले की एफआईआर में पंजाब विजीलैंस चीफ शरद सत्य चौहान का नाम सामने आया है। जिसके बाद प्रशासनिक और...

पंजाब डैस्क : पंजाब विजीलैंस ब्यूरो भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी (सी.बी.आई.) की ओर से दर्ज उक्त भ्रष्टाचार मामले की एफआईआर में पंजाब विजीलैंस चीफ शरद सत्य चौहान का नाम सामने आया है। जिसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

यह मामला विजीलैंस ब्यूरो प्रमुख के रीडर ओ.पी. राणा और तीन अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। आरोप है कि शिकायतकर्ता से लंबित शिकायत को निपटाने के बदले 13 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। सीबीआई की 11 मई की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी राघव गोयल और विकास गोयल ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से यह रकम मांगी थी। जांच एजेंसी का दावा है कि यह पैसा पंजाब डीजीपी (विजीलैंस) कार्यालय में लंबित शिकायत को बंद करवाने के नाम पर मांगा गया था। रिपोर्ट में ओ.पी. राणा और डीजी (विजीलैंस) पंजाब का भी जिक्र किया गया है।

एफआईआर के मुताबिक अबोहर निवासी स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित कुमार ने 8 मई को शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में कहा गया कि राघव गोयल और उसके पिता विकास गोयल, जो निजी ठेकेदार बताए जा रहे हैं, कथित तौर पर विजीलैंस अधिकारियों के नाम पर बिचौलिये के रूप में काम कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने लंबित शिकायत को निपटाने के एवज में अवैध रिश्वत की मांग की।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई अब मामले में जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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