Edited By Subhash Kapoor,Updated: 15 May, 2026 11:37 PM

पंजाब में ED की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी के तहत अब मोहाली के माजरी गांव स्थित तहसील कॉम्प्लेक्स में ईडी ने दबिश दी है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम तहसील कॉम्प्लेक्स में मौजूद है और कई महत्वपूर्ण...
पंजाब डैस्क : पंजाब में ED की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी के तहत अब मोहाली के नयागांव में माजरी गांव स्थित तहसील कॉम्प्लेक्स में ईडी ने दबिश दी है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम तहसील कॉम्प्लेक्स में मौजूद है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले ईडी ने मोहाली के गमाडा (GMADA) के एक टाउन प्लानर को पूछताछ के लिए जालंधर बुलाया था। लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों का कहना है कि उसी टाउन प्लानर से मिली अहम जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर अब नयागांव के तहसील कॉम्प्लेक्स में यह कार्रवाई की गई है। वहीं ई.डी. ने इस दौरान कुछ प्रापर्टी डीलरों को भी हाशिए पर लिया है तथा उनसे भी पूछताछ हो रही है।
सूत्रों के अनुसार ईडी अधिकारियों ने तहसील दफ्तर से जुड़े रिकॉर्ड, और अन्य सरकारी कागजात अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी हलचल देखने को मिली। जानकारी मुताबिक यह पूरी कार्रवाई हाल ही में मोहाली में हुई बड़ी ईडी रेड से जुड़ी बताई जा रही है। उस मामले ने पूरे पंजाब में सनसनी फैला दी थी, जब एक बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से कथित तौर पर पैसों से भरे बैग नीचे फेंके जाने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद से ही ईडी लगातार मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है।
पता चला है कि ED ने मोहाली जिले के ब्लॉक माजरी (न्यू चंडीगढ़) के साथ-साथ लुधियाना के सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित बेनामी जमीन सौदों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई है।
केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी लुधियाना के एक बड़े प्रॉपर्टी डीलर के पैसों के लेन-देन और जमीन सौदों की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस डीलर ने लैंड पूलिंग पॉलिसी 2025 लागू होने से पहले लुधियाना और मोहाली में बड़े स्तर पर निवेश किया था। सूत्रों के अनुसार यह प्रॉपर्टी डीलर आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग से जुड़े एक बड़े राजनीतिक नेता का करीबी माना जाता है।
जांच के दौरान मुल्लांपुर गरीबदास और शिंगारीवाला गांवों के जमीन रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, जहां GMADA द्वारा हाल ही में जमीन अधिग्रहित की गई थी। ईडी न्यू चंडीगढ़ क्षेत्र में बड़े नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों (ब्यूरोक्रेट्स) द्वारा किए गए कई कथित बेनामी सौदों की जांच कर रही है। शक जताया जा रहा है कि उक्त बिल्डर ने कई अधिकारियों के पैसे को बेनामी जमीन सौदों में निवेश करवाने में मदद की थी।
हालांकि अभी तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार यह छापेमारी रियल एस्टेट सेक्टर में चल रही अनियमितताओं और गलत तरीके से CLU (चेंज ऑफ लैंड यूज) मंजूर करवाने के मामलों से जुड़ी हुई है।