Edited By Vatika,Updated: 19 Sep, 2026 09:28 AM

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने वाले शहरवासियों को 10 प्रतिशत की सीधी छूट
लुधियाना (राज): वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने वाले शहरवासियों को 10 प्रतिशत की सीधी छूट हासिल करने के लिए अब महज कुछ ही दिन शेष बचे हैं। नगर निगम ने 30 सितंबर को छूट का लाभ उठाने की अंतिम तारीख घोषित की है। इस बीच, नगर निगम हेडक्वार्टर से जारी आधिकारिक रिकवरी आंकड़ों ने निगम प्रशासन की पेशानी पर बल ला दिए हैं। शहर के करीब 1 लाख संपत्ति मालिकों द्वारा इस बार टैक्स न भरने के चलते निगम के राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी में पिछले साल के मुकाबले सीधे तौर पर 20.31 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा दर्ज किया गया है, जिसके चलते विकास कार्यों के बजट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
1 लाख से ज्यादा लोगों ने नहीं भरा टैक्स, राजस्व 31% लुढ़का
निगम के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 1 अप्रैल 2025 से 16 सितंबर 2025 के बीच प्रॉपर्टी टैक्स मद से 65.14 करोड़ रुपये का शानदार राजस्व प्राप्त हुआ था। इसके विपरीत चालू वित्त वर्ष की इसी अवधि में निगम का खजाना मात्र 44.83 करोड़ रुपये ही जुटा सका है। यानी पिछले साल की तुलना में सीधे तौर पर 20.31 करोड़ रुपये (करीब 31 प्रतिशत) की भारी गिरावट आई है। चिंताजनक पहलू यह है कि टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले जागरूक नागरिकों की संख्या में भी 1,00,463 (एक लाख से अधिक) की भारी कमी देखी गई है, जो सीधे तौर पर टैक्स डिफॉल्टरों की बढ़ती संख्या को दर्शाता है।
जोन-डी में सबसे ज्यादा नुकसान, वाटर सप्लाई कलेक्शन भी हुआ धड़ाम :-
रिकवरी के लेखा-जोखा पर नजर डालें तो नगर निगम चारों जोनों में बुरी तरह पिछड़ा है: जोन-डी (पॉश इलाका) सबसे ज्यादा घाटा इसी जोन में दर्ज हुआ। यहां कलेक्शन पिछले साल के 25.98 करोड़ से लुढ़क कर 18.07 करोड़ रुपये (7.91 करोड़ की कमी) पर आ गया। अन्य जोन: जोन-बी में 4.23 करोड़, जोन-सी में 4.60 करोड़ और जोन-ए में 3.55 करोड़ रुपये कम टैक्स एकत्रित हुआ है। वाटर सप्लाई व डिस्पोजल: केवल प्रॉपर्टी टैक्स ही नहीं, बल्कि पानी और सीवरेज बिलों की वसूली में भी निगम को 9.33 करोड़ का तगड़ा झटका लगा है। पिछले वर्ष जमा हुए 24.81 करोड़ के मुकाबले इस बार महज 15.48 करोड़ रुपये ही खाते में आए हैं।
195 करोड़ का है सालाना टारगेट, रोजाना ₹1.05 करोड़ वसूलने की चुनौती :-
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स का कुल बजट लक्ष्य 195 करोड़ रुपये निर्धारित किया था। 16 सितंबर तक की स्थिति के अनुसार, निगम अपने कुल लक्ष्य का महज 22.99% (लगभग 23%) हिस्सा ही रिकवर कर पाया है। वित्तीय वर्ष के बचे हुए महीनों में 195 करोड़ के लक्ष्य को छूने के लिए अब निगम अधिकारियों को हर रोज औसतन 105.75 लाख (करीब 1.05 करोड़) रुपये की रिकवरी करनी होगी, जो मौजूदा सुस्त रफ्तार को देखते हुए एक बेहद कठिन डगर मानी जा रही है।
वीकेंड पर भी खुलेंगे जोनल दफ्तर, घर बैठे ऑनलाइन भरें टैक्स ;-
शहरवासियों को सुविधा देने और अंतिम दिनों में लगने वाली लंबी कतारों व भीड़ से बचाने के लिए नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने अहम फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि करदाताओं की सहूलियत के लिए वीकेंड यानी शनिवार और रविवार को भी सभी जोनल सुविधा केंद्र सामान्य कार्य समय में खुले रहेंगे। इसके तहत 19 सितंबर, 20 सितंबर, 26 सितंबर और 27 सितंबर को दफ्तर खुले रहेंगे। कमिश्नर ने अपील की कि लोग कतारों से बचने के लिए नगर निगम के आधिकारिक पोर्टल mcludhiana.gov.in पर जाकर घर बैठे ऑनलाइन भुगतान कर 10% छूट का लाभ उठाएं।
लापरवाही पड़ेगी भारी: 1 जनवरी से पेनल्टी, 31 मार्च के बाद 18% ब्याज का चाबुक :-
निगम प्रशासन ने साफ किया है कि 30 सितंबर तक टैक्स भरने वालों को ही 10% छूट का लाभ मिलेगा। 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक बिना किसी छूट और बिना पेनल्टी के मूल टैक्स ही जमा होगा। इसके बाद 1 जनवरी से 31 मार्च तक टैक्स जमा करवाने पर 10% की पेनल्टी ठोकी जाएगी। वहीं 31 मार्च की समय सीमा खत्म होने के बाद बकाएदारों से 20% पेनल्टी के साथ-साथ 18% वार्षिक ब्याज भी सख्ती से वसूला जाएगा और डिफॉल्टर संपत्तियों की सीलिंग का अभियान भी छेड़ा जाएगा।