Edited By Vatika,Updated: 18 Sep, 2026 09:26 AM

शहर में नशे के बढ़ते मकड़जाल का बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया है।
लुधियाना (राज): शहर में नशे के बढ़ते मकड़जाल का बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया है। राम नगर स्थित आशियाना पार्क के पास वीरवार को महज 10 साल का एक मासूम बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में पूरी तरह बेसुध हालत में पड़ा मिला। जब राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बच्चे को संभालने और अपने पैरों पर खड़ा करने की कोशिश की, तो वह लड़खड़ा कर गिर पड़ा और दर्द से तड़पने लगा। इस पूरी घटना का एक दर्दनाक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, घंटों तक सरकारी एंबुलेंस के न पहुंचने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने अपनी गाड़ी में बच्चे को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।
खड़ा करने की कोशिश की तो तड़पने लगा बच्चा, वीडियो हुआ वायरल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आशियाना पार्क के पास से गुजर रहे राहगीरों की नजर सड़क किनारे जमीन पर बेसुध पड़े करीब 10 वर्षीय बच्चे पर पड़ी। जब लोगों ने पास जाकर उससे नाम-पता पूछने का प्रयास किया और उसे सहारा देकर खड़ा करना चाहा, तो बच्चा अपने पैरों का संतुलन पूरी तरह खो चुका था। खड़े करने पर उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ने लगी और वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। मासूम की यह लाचार और खौफनाक हालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। किसी राहगीर ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर साझा कर दिया, जो देखते ही देखते शहर भर में चर्चा का विषय बन गया।
एंबुलेंस का इंतजार करते रहे लोग, मुंडियां चौकी पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
घटनास्थल पर मौजूद समाजसेवक दुर्गेश कुमार ने तुरंत आपातकालीन नंबर पर कॉल कर सरकारी एंबुलेंस को सूचित किया। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जब एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची और बच्चे की हालत लगातार नाजुक होती चली गई, तो दुर्गेश कुमार ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना जमालपुर के अधीन आती पुलिस चौकी मुंडियां के मुलाजिम फौरन मौके पर पहुंचे। पुलिस कर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना देर किए बच्चे को अपनी गाड़ी में डाला और तुरंत लुधियाना के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती करवाया।
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इलाके में मासूम भी हो रहे नशे का शिकार, पुलिस से सख्ती की मांग
घटना के बाद से राम नगर और आसपास के निवासियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का खुला आरोप है कि बच्चे की हालत देखकर साफ लग रहा था कि उसने किसी घातक नशे का सेवन किया हुआ था या उसे जबरन नशा दिया गया था। लोगों ने बताया कि राम नगर और साथ लगते इलाकों में नशे का अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा है, जिसके चलते कम उम्र के बच्चे भी खुलेआम नशा करते और घूमते दिखाई देते हैं। स्थानीय निवासियों ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि इलाके में सक्रिय नशा तस्करों के खिलाफ विशेष सर्च ऑपरेशन चलाकर उन पर शिकंजा कसा जाए, ताकि मासूमों की जिंदगियों को बर्बाद होने से बचाया जा सके।
पहचान कराने में जुटी पुलिस, मेडिकल रिपोर्ट से खुलेगा राज
मामले की जानकारी देते हुए लिस चौकी के जांच अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि सबसे पहले बच्चे की पहचान करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि वह किसका बेटा है और पार्क तक कैसे पहुंचा। वहीं, बच्चे द्वारा नशा किए जाने के आरोपों पर पुलिस ने कहा कि अभी अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे के बेसुध होने और तड़पने की असली वजह क्या थी। रिपोर्ट और परिजनों के सामने आने के बाद कानून के मुताबिक अगली कार्रवाई की जाएगी।