NRI पति ने एक करोड़ लगाई ‘सिंदूर’ की कीमत

Edited By swetha,Updated: 28 May, 2019 10:05 AM

nri husband

पंजाब में एन.आर.आई. पतियों के चलते प्रताड़ित होने वाली सुहागिनों को जहां ‘इंसाफ’ के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, वहीं विदेश में बैठे ऐसे दगाबाजों को भारत लाने की प्रक्रिया भी काफी ‘जटिल’ है।

अमृतसर(सफर): पंजाब में एन.आर.आई. पतियों के चलते प्रताड़ित होने वाली सुहागिनों को जहां ‘इंसाफ’ के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, वहीं विदेश में बैठे ऐसे दगाबाजों को भारत लाने की प्रक्रिया भी काफी ‘जटिल’ है। ऐसा ही एक मामला अमृतसर में सामने आया है। इसमें एन.आर.आई. पति के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करवाने के लिए पिछले 21 महीनों से इंतजार कर रही है। खास बात है कि इस मामले में पति दुबई से ‘तलाक’ देने के लिए 1 करोड़ रुपए की पेशकश कर रहा है।

वहीं ‘सुहागिन’ ने ठान लिया है कि उसे एक करोड़ नहीं चाहिए बल्कि उसे वो ‘सम्मान’ चाहिए जो सात फेरे लेते समय देने का वायदा किया था। पीड़िता कहती हैं कि  उसका पति उसे दुबई से कभी कहता है 75 लाख ले लो तो कभी कहता है 1 करोड़ में तलाक दे दो, लेकिन हम इज्जतदार लोग हैं। ‘इज्जत’ पैसों से न कमाई जा सकती है और न खरीदी जा सकती है। हम सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे लेकिन ‘दगाबाज’ इस एन.आर.आई. दूल्हे को गुनाह की सजा दिला कर रहेंगे।  मामला अमृतसर के एन.आर.आई.थाने से  होता  हुआ एन.आर.आई. के ए.डी.जी.पी. ईश्वर सिंह के पास पहुंच गया है। मामला कुछ यूं है कि अमृतसर की रहने वाली एक लड़की  की शादी वर्ष 2016 में राजस्थान के रहने वाले के लड़के के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही लड़का दुबई चला गया। दुबई जाने के बाद लड़के ने आंखें फेर लीं। 30 जुलाई 2017 को लड़का भारत आया। पत्नी पर उसने सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव डाला लेकिन उसने हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बाद वह अपनी बहन के घर उसे मिलने गया और वहीं से दुबई भाग गया।

2017 में की थी शिकायत, अब तक नहीं हुई एफ.आई.आर. 
पीड़िता ने 5 मार्च 2017 को अमृतसर पुलिस में शिकायत की थी। पुलिस ने लड़के के परिवार वालों को बुलाया लेकिन कोई नहीं आया। पीड़िता ने अमृतसर के पासपोर्ट कार्यालय में अपने पति के पासपोर्ट पर रोक लगाने की मांग की तो उनसे कहा गया कि एफ.आई.आर.लेकर आओ। इसी बीच पीड़िता ने  पति के खिलाफ अमृतसर के थाना एन.आर.आई. में एफ.आई.आर. के लिए शिकायत की। यही नहीं उसने अमृतसर से चंडीगढ़ व दिल्ली तक न्याय के लिए चिट्ठी लिखी। सी.एम. को लिखी, पी.एम. को लिखी। विदेश मंत्रालय को लिखी। राष्ट्रपति से गुहार लगाई, लेकिन 2017 से अब तक इस मामले में एफ.आई.आर. नहीं दर्ज हुई।  

सुहागिन ने ‘ईश्वर’ से मांगा न्याय
 अब तक एफ.आई.आर.पुलिस ने नहीं लिखी है। विदेश मंत्रालय से भी पति का पासपोर्ट डिपोर्ट करने के लिए लिखा तो है लेकिन जब तक एफ.आई.आर.दर्ज नहीं होती, तब तक कुछ नहीं हो सकता। एफ.आई.आर. पुलिस दर्ज कर ही नहीं रही है। उधर, ‘पंजाब केसरी’ से बातचीत करते हुए एन.आर.आई. विंग के ए.डी.जी.पी. ईश्वर सिंह कहते हैं आम तौर पर एन.आर.आई. मामलों में एफ.आई.आर. दर्ज करने के लिए 5-6 महीने का वक्त लग जाता है। 2017 से अब तक एफ.आई.आर. ही नहीं हुई यह जांच का विषय है। हालांकि जब उन्हें बताया गया कि आपके पास ही यह शिकायत पैंङ्क्षडग है तो कहने लगे कि ‘मैं देखता हूं, इंसाफ मिलकर रहेगा’। 
 

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