16वें दिन भी अदालतों में ‘नो वर्क’, LADC नीति पर वकीलों का संघर्ष और तेज

Edited By Kamini,Updated: 23 Jul, 2026 07:15 PM

no work continues in courts for 16th day

लीगल एंड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में पंजाब बार एसोसिएशनों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी (JAC) के आह्वान पर अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है।

लुधियाना  (मेहरा): लीगल एंड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में पंजाब बार एसोसिएशनों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी (JAC) के आह्वान पर अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। ‘नो वर्क’ लगातार 16वें दिन भी जारी रहा, जबकि तीसरे दिन भी सीजेएम कोर्ट के निकट चैंबर कॉम्प्लेक्स में क्रमिक भूख हड़ताल जारी रही। ‘नो वर्क’ के चलते जिला अदालतों का न्यायिक कामकाज लगभग पूरी तरह ठप रहा और अधिकांश मामलों की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।

धरना स्थल पर दिनभर बड़ी संख्या में अधिवक्ता जुटे रहे। LADC नीति के विरोध में जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से नीति तत्काल वापस लेने की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष अधिवक्ताओं के सम्मान, बार की स्वायत्तता और न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए है तथा इसे अंतिम मुकाम तक जारी रखा जाएगा। इस बीच चंडीगढ़ में पंजाब भर की बार एसोसिएशनों के अध्यक्षों एवं सचिवों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने एकमत होकर LADC नीति वापस लेने की मांग दोहराई। केंद्र सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण बैठक बेनतीजा रही। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि LADC नीति वापस होने तक पूरे पंजाब में ‘नो वर्क’ और क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी।

तीसरे दिन क्रमिक भूख हड़ताल पर एडवोकेट साहिल वर्मा, सुनप्रीत कौर, योगेश खन्ना, सुखविंदर कौर, अतुल कश्यप, कमलजीत कौर, रविंदर सिंह रावत, अनिल सग्गर, संदीप सिंह, अमनजीत कौर सिद्धू, राकेश शर्मा, शाम सुंदर आहूजा, मीनू खन्ना, जगजीत सिंह, समीर जोशी, कोणार्क शर्मा, रिपुदमन मटकन, शुभम अग्रवाल, मोना मल्होत्रा, रिमलजीत सिंह तथा वीना भारद्वाज भूख हड़ताल पर बैठे रहे। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में अधिवक्ता क्रमिक भूख हड़ताल में शामिल होंगे।

डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, लुधियाना के अध्यक्ष विपिन सग्गर ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से लिखित एवं संतोषजनक आश्वासन मिलने तक आंदोलन किसी भी सूरत में समाप्त नहीं किया जाएगा। बार एसोसिएशन के सचिव हिमांशु वालिया ने कहा कि यह संघर्ष न्याय व्यवस्था की गरिमा और आम नागरिकों के हितों से जुड़ा है तथा पूरे पंजाब का अधिवक्ता वर्ग पूरी एकजुटता के साथ आंदोलन जारी रखे हुए है, वही नो वर्क होने के चलते अदालतों में सनाटा पसरा रहा।

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