Edited By Subhash Kapoor,Updated: 18 Apr, 2026 10:58 PM

जैन कॉलोनी स्थित धवन अस्पताल के बाहर सतपाल सिंह उर्फ पाला (40) की मौत को लेकर चला आ रहा विवाद अब सहमति की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा गलती मानने और पोस्टमार्टम के बाद जांच में दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई स्वीकार करने के...
लुधियाना ( गणेश / सचिन ): जैन कॉलोनी स्थित धवन अस्पताल के बाहर सतपाल सिंह उर्फ पाला (40) की मौत को लेकर चला आ रहा विवाद अब सहमति की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा गलती मानने और पोस्टमार्टम के बाद जांच में दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई स्वीकार करने के बयान के बाद मामला शांत होने की ओर है।
जानकारी के अनुसार, परिजनों का आरोप था कि सतपाल सिंह को 15 तारीख को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। इलाज को लेकर परिजनों ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए, जिसमें विशेष रूप से ऑपरेशन को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। परिजनों का कहना था कि सही समय पर उचित इलाज और ऑपरेशन की व्यवस्था न होने के कारण स्थिति गंभीर हुई और मरीज की मौत हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना देकर मुख्य सड़क को जाम कर दिया था। इस कारण इलाके में काफी देर तक लंबा जाम लगा रहा और बस्ती जोधेवाल, जैन कॉलोनी व आसपास के क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। वाहन घंटों तक फंसे रहे, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
धवन अस्पताल की ओर से बयान दिया गया है कि यदि इलाज में कोई गलती पाई जाती है तो वे माफी मांगते हैं और जांच में सहयोग करेंगे। साथ ही कहा गया है कि पोस्टमार्टम के बाद यदि लापरवाही साबित होती है तो वे कानूनी कार्रवाई स्वीकार करेंगे।
पुलिस ने भी दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति को नोट कर लिया है और बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। परिजनों के अनुसार, मृतक सतपाल सिंह के परिवार में उनकी पत्नी नहीं हैं और उनके कुल 5 बच्चे हैं—3 बेटियां और 2 बेटे। बताया जा रहा है कि पूरा परिवार उन्हीं के सहारे चलता था, जिससे इस घटना के बाद परिवार पर गहरा असर पड़ा है।
परिजनों ने पहले अस्पताल पर इलाज और ऑपरेशन को लेकर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसे लेकर ही पूरा विवाद और धरना प्रदर्शन हुआ था। फिलहाल सहमति बनने के बाद मामला शांत होता दिख रहा है ।