Edited By Kalash,Updated: 26 Jan, 2026 03:02 PM

पंजाब सरकार पर आढ़तियों ने बड़े और गंभीर आरोप लगाए हैं।
लुधियाना (राम): पंजाब सरकार पर आढ़तियों ने बड़े और गंभीर आरोप लगाए हैं। आढ़तियों का कहना है कि सरकार ने उन्हें 15 दिनों के भीतर दुकानें अलॉट करने का भरोसा दिलाकर उनकी आंखों में धूल झोंक दी, लेकिन आज छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एक भी आढ़ती को दुकान नहीं मिली। सरकार और संबंधित विभागों की चुप्पी ने अब इस मामले को विस्फोटक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
आढ़तियों के अनुसार, दुकान अलॉटमैंट के नाम पर पहले निशानदेही का पूरा ड्रामा किया गया। जगह दिखाई गई, नक्शे समझाए गए और भरोसा दिलाया गया कि प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। इसी भरोसे में आकर सैकड़ों आढ़तियों ने लाखों रुपए ब्याज पर उधार लेकर तय रकम जमा कर दी। मगर समय बीतता गया और वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए।
ब्याज का बोझ, कारोबार ठप्प
दुकानें न मिलने के कारण कई आढ़तियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया है। जिन पैसों से नया काम शुरू होना था, वही रकम अब ब्याज की किस्तों में खत्म होती जा रही है। आढ़तियों का कहना है कि सरकार की इस देरी ने उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया है। आढ़तियों ने मांग की कि अभी तक जो ब्याज उन्होंने भरा है, उसकी भरपाई सरकार करे, क्योंकि इसमें उनका कोई भी कसूर नहीं है।
सैक्रेटरी से लेकर चेयरमैन तक कोई जवाब देने को तैयार नहीं
आढ़तियों का आरोप है कि अब हालात यह हैं कि मार्कीट कमेटी का कोई सैक्रेटरी, डी.एम.ओ. (डिस्ट्रिक्ट मार्कीटिंग ऑफिसर) और चेयरमैन तक आढ़तियों को यह बताने को तैयार नहीं हैं कि दुकानें कब और कैसे मिलेंगी। दफ्तरों के चक्कर लगाकर आढ़ती थक चुके हैं, लेकिन हर जगह से उन्हें सिर्फ टालने वाले जवाब मिल रहे हैं। एक आढ़ती ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सरकार ने 15 दिन में दुकान देने की बात कही थी, आज 6 महीने बीत गए। ब्याज पर लिया पैसा सिर पर चढ़ गया है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।
आढ़तियों ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि क्या यह सब जानबूझकर किया गया, या फिर सरकार और विभागों के बीच तालमेल की भारी कमी है। उनका कहना है कि अगर शुरूआत में ही सच्चाई बता दी जाती, तो वे अपने पैसे दांव पर न लगाते। अब न दुकान है, न पैसा वापस मिलने की कोई स्पष्ट प्रक्रिया।
सरकारी अनदेखी से नाराज़ आढ़ती अब कानूनी लड़ाई की तैयारी में जुट गए हैं। आढ़तियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, तो वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। आढ़तियों की एक ही मांग है कि या तो तुरंत दुकानें अलॉट की जाएं, या फिर जमा कराई गई रकम ब्याज समेत वापस की जाए। वरना यह मुद्दा आने वाले समय में सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक और कानूनी संकट बन सकता है।
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