Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Jan, 2026 08:31 PM

पंजाब सरकार द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं कि पंजाब में अवैध माइनिंग के कारोबार पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगाई हुई है परंतु थाना मेहरबान के अधीन आती मतेवाडा पुलिस चौकी के सतलुज दरिया में सरे आम अवैध रेत का कारोबार बिना किसी रोक से धड़ल्ले से...
लुधियाना (शिवम): पंजाब सरकार द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं कि पंजाब में अवैध माइनिंग के कारोबार पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगाई हुई है परंतु थाना मेहरबान के अधीन आती मतेवाडा पुलिस चौकी के सतलुज दरिया में सरे आम अवैध रेत का कारोबार बिना किसी रोक से धड़ल्ले से चलाया जा रहा है जिसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने वाला माइनिंग विभाग और पुलिस विभाग आंखें बंद करके कुंभ करनी नींद में सोया हुआ है जिसके कारण इस इलाके में धड़ल्ले से अवैध माइनिंग का कारोबार चल रहा है। वहीं दूसरे तरफ इलाके के लोगों द्वारा इस अवैध रेत के कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग की जा रही है परंतु लोगों की किसी भी मांग पर विभाग द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही जिसके कारण इस इलाके में रात दिन रेत से भरे हुए सैकड़ो टिप्पर ट्रैक्टर ट्रालियों को अवैध रेत भर के सतलुज दरिया से निकाले जा रहे है।
इलाके के लोगों ने बताया कि पिछली बरसात में अवैध रेत माफिया द्वारा सतलुज दरिया से की गई नाजायज माईनिंग के कारण ससराली कॉलोनी का बांध टूट गया था जिसके कारण इलाके के लोगों की 300 एकड़ से भी ज्यादा जमीन आज तक खराब पड़ी हुई है परंतु जिला प्रशासन द्वारा इस इलाके में अवैध रेत के कारोबार पर पाबंदी लगाने की जगह इस माफिया पर कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इलाके के लोगों ने बताया कि सतलुज दरिया से प्रतिदिन की सैकड़ों टिप्पर और ट्रैक्टर ट्रालियां रेत भरकर निकल रही है जिसके कारण इस इलाके के लोगों को सारा दिन और सारी बात भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को अपने घरों को जाने के लिए कई कई घंटे तक खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है परंतु सतलुज दरिया से अवैध रेत भरकर निकलने वाले सैकड़ो टिप्पर इतनी ज्यादा तादाद में निकलते हैं कि सारी सड़क जाम हो जाती है जिसके चलते इलाके के लोगों को इस अवैध रेत के कारोबार से भारी समस्याएं उठानी पड़ रही हैं। लोगों ने बताया कि सरकार आने वाले बरसात की सीजन में फिर से इस इलाके में बाढ़ लाने की तैयारी कर रही है ताकि इस इलाके के लोगों का भारी नुकसान हो सके।