Edited By Vatika,Updated: 23 Jul, 2026 02:19 PM

ब नए-नए पैंतरे बदलकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा है।
लुधियाना(राज): शहर में जुए का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। गैंगस्टर की शह पर पनप रहा यह जुआ सिंडिकेट अब नए-नए पैंतरे बदलकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा है। कभी रिहायशी मकान तो कभी शहर के बाहरी इलाकों में बने होटलों को इस काले धंधे का नया ठिकाना बनाया जा रहा है।
कोठी बंद कर फोर्टिस अस्पताल के पास होटल में जमाई महफिल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गैंगस्टर की शह पर काम करने वाले काकोवाल रोड निवासी 'R' नाम के युवक ने पुलिस के डर से अपनी कोठी में जुआ चलाना बंद कर दिया है। मगर इस अवैध धंधे को बंद करने के बजाय उसने चंडीगढ़ रोड पर फोर्टिस अस्पताल से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक नामी होटल में जुए की फड़ सजानी शुरू कर दी है।
गुडमंडी का 'D' भी पार्टनर संग हर दूसरे दिन बदल रहा ठिकाना
इसी तरह गुडमंडी इलाके का 'D' नाम से शुरू होने वाला एक अन्य युवक अपने 4 पार्टनरों के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को चला रहा है। पकड़ाए जाने के डर से ये लोग रोजाना या हर दूसरे दिन शहर के अलग-अलग होटलों में ठिकाना बदल रहे हैं। शहर के आउटर इलाकों में जितने भी होटल चल रहे हैं, उनमें से कई होटलों में देर रात खुलकर जुए के अड्डे चलाए जा रहे हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि ये D अक्षर से नाम शुरू होने युवक ने तो पुलिस से साठगांठ होने की डिंग हांकना भी शुरू कर दिया है।
ग्राहक छीनने को लेकर सट्टेबाजों में आपस में ही घमासान:
दिलचस्प बात यह भी सामने आ रही है कि इस काले कारोबार में शामिल सट्टेबाजों के बीच अब आपस में ही दरार पड़ने लगी है। जुआ संचालकों में एक-दूसरे के ग्राहक तोड़ने और पुलिस तक खबरें लीक करने के गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं, जिससे इस सिंडिकेट की अंदरूनी गुटबाजी भी जगजाहिर हो रही है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, क्या सेटिंग का खेल जारी है?
यहाँ बता दें कि बीते कुछ दिनों से 'पंजाब केसरी' में प्रमुखता से छपी खबरों के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में तो आई, लेकिन सूत्रों का दावा है कि अंदरखाने सट्टेबाजों और पुलिस के बीच साठगांठ हो चुकी है। जुआ चालकों को नाममात्र पूछताछ के लिए बुलाया तो गया, लेकिन सख्त कार्रवाई करने के बजाय मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। पुलिस की इस 'सेटिंग' के बाद ही सट्टेबाजों के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने बेखौफ होकर होटलों में जुआ चलाना शुरू कर दिया।
देर रात होटलों में दबिश दे पुलिस तो बेनकाब होंगे बड़े चेहरे
अगर शहर के हर थाने की पुलिस अपने-अपने इलाके के होटलों में देर रात अचानक दबिश दे, तो इन बड़े जुआरियों और उनके आकाओं तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। अब देखना यह होगा कि खाकी अपनी साख बचाते हुए इन सट्टेबाजों पर करारा शिकंजा कसती है या फिर 'सेटिंग' के खेल में आँखें मूँद कर बैठी रहती है।