लोकसभा में गूंजा पंजाब का मुद्दा,  AAP सांसद कंग ने केंद्र से मांगा विशेष पैकेज

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 12 Mar, 2026 09:45 PM

aap mp kang demands special package from the centre

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने गुरुवार को लोकसभा में अनुपूरक अनुदान की मांगों पर चर्चा के दौरान पंजाब में कृषि और सिंचाई से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के...

चंडीगढ़ :  आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने गुरुवार को लोकसभा में अनुपूरक अनुदान की मांगों पर चर्चा के दौरान पंजाब में कृषि और सिंचाई से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज और अतिरिक्त अनुदान देने की मांग की।

कंग ने देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भारत खाद्यान्न की कमी से जूझ रहा था, उस समय जवाहरलाल नेहरू और प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन के नेतृत्व में हरित क्रांति की शुरुआत हुई, जिसमें पंजाब ने पूरे देश के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति ने भारत को खाद्य सुरक्षा तो दी और आज देश के पास खाद्यान्न का अधिशेष है, लेकिन इस मॉडल का बोझ पंजाब को भारी कीमत चुकाकर उठाना पड़ा है।

कंग ने कहा, “पंजाब ने देश की खाद्य सुरक्षा में बहुत बड़ा योगदान दिया, लेकिन अब इस मॉडल के पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणाम स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं। पंजाब में भूजल स्तर खतरनाक रूप से नीचे चला गया है और राज्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहा है, जिनमें कैंसर सहित कई बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि कृषि का मजबूत केंद्र होने के बावजूद आज पंजाब में बड़े पैमाने पर ऐसी फसलों की खेती हो रही है जो उसकी मिट्टी और जल परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं, विशेष रूप से धान। वहीं दूसरी ओर देश अभी भी कई आवश्यक वस्तुओं जैसे दालें, फल और सब्जियां आयात कर रहा है। कंग ने कहा, “पंजाब में फसल विविधीकरण की अपार संभावनाएं हैं। हम दालें, फल, डेयरी उत्पाद, कपास, मक्का, गन्ना और आलू पर्याप्त मात्रा में पैदा कर सकते हैं, जिससे देश को आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।”

आप सांसद ने केंद्र सरकार से अपील की कि पंजाब में फसल विविधीकरण और उससे जुड़े अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए विशेष वित्तीय पैकेज और अतिरिक्त अनुदान प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पंजाब को फायदा होगा बल्कि भारत की कृषि आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।

कंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया, जो राज्य में सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने सदन को बताया कि आप सरकार के सत्ता में आने से पहले पंजाब में केवल लगभग 21 प्रतिशत कृषि भूमि को नहर या नदी का पानी मिलता था।

कंग ने कहा, “आज यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 78 प्रतिशत हो गया है, जो दर्शाता है कि मान सरकार सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि पंजाब में कई अन्य राज्यों की तुलना में सिंचाई सुविधाएं बेहतर हैं, लेकिन पानी के चैनलाइजेशन और उसके कुशल वितरण में अभी भी काफी सुधार की आवश्यकता है। कंग ने अंत में केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह कृषि परियोजनाओं, सिंचाई विकास और फसल विविधीकरण से जुड़े अनुसंधान में पंजाब को प्राथमिकता दे।

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