Edited By Urmila,Updated: 10 Apr, 2026 01:28 PM

पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ली है। एक तरफ गेहूं की फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार है।
जालंधर (माही) : पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ली है। एक तरफ गेहूं की फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार है, तो दूसरी तरफ भारी बारिश और आंधी-तूफान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी सुनहरी फसल अब भीगने लगी है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका बन गई है।
एक्सपर्ट्स की चेतावनी: नुकसान का बढ़ता खतरा
खेतीबाड़ी माहिर डॉ. नरेश गुलाटी ने कहा कि इस समय बारिश किसानों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि गेहूं का दाना अब पूरी तरह पक चुका होता है और कटाई का समय भी आ गया है। ऐसे में बारिश से दाने की क्वालिटी और पैदावार दोनों पर असर पड़ता है।
खेतों में पानी भरने और अंकुरण की समस्या
बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की समस्या भी सामने आती है। जहां पानी निकलने की सही सुविधा नहीं होती, वहां फसल लंबे समय तक भीगी रहती है। इससे गेहूं के दानों में अंकुरण हो सकता है, जिससे बाजार में कीमत काफी कम हो जाती है।
क्वालिटी और वजन में कमी
डॉ. गुलाटी ने कहा कि लगातार नमी की वजह से अनाज का रंग फीका पड़ जाता है और वजन भी कम हो जाता है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल कम दाम मिलते हैं, जिसका सीधा असर उनकी इनकम पर पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि मौसम साफ होने पर तुरंत कटाई शुरू कर देनी चाहिए।
किसानों ने जताई चिंता
स्थानीय किसान जुगल किशोर ने कहा कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है, लेकिन लगातार बारिश की वजह से फसल गिरने का खतरा बन गया है। उनके मुताबिक, अगर फसल गिर गई तो कटाई मुश्किल होगी और अनाज भी खराब हो जाएगा, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसी तरह, किसान संगठन ने भी कहा कि बारिश की वजह से खेतों में नमी बढ़ रही है, जिससे बीज अंकुरित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बीज अंकुरित हुए तो उन्हें बाजार में सही दाम नहीं मिलेगा और सारी मेहनत बेकार हो सकती है।
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