शराब तस्करी का धंधा जोरों पर, नशा बढ़ाने के लिए मिलाई जाती हैं नशीली गोलियां

Edited By Sunita sarangal,Updated: 14 Oct, 2019 10:00 AM

liquor smuggling business in basti areas in full swing

जमानत होने के बाद दोबारा वे फिर शराब बेचने का धंधा करने लगते हैं।

जालंधर(शौरी): वैसे तो पुलिस कमिश्नरेट की टीम महानगर में क्राइम कंट्रोल करने में लगी हुई है लेकिन शायद पुलिस के सीनियर अधिकारियों का ध्यान वैस्ट हलके की तरफ कम है और इसी बात का फायदा उठाते हुए शराब तस्कर मिलावटी व घटिया किस्म की शराब लोगों को सप्लाई कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि करीब 2 महीने में 2 लोगों की मिलावटी शराब पीने से मौत हो गई।  

सूत्रों के अनुसार मंगू बस्ती में र व गे अक्षर, भार्गव कैंप थाने के पास ही शराब बेचने वाला ब तथा बो अक्षर से नाम शुरू होने वाले व्यक्तियों को इलाके का बच्चा-बच्चा जानता है कि वे सरेआम शराब बेचते हैं। अधिकतर मामले में प्रवासी किस्म के लोग ही सस्ती होने के कारण प्लॉस्टिक बोतलों में रखी शराब इनसे खरीदते हैं। थाना भार्गव कैंप, थाना-5 तथा बस्ती बावा खेल तीनों इलाके में शराब की होने वाली सप्लाई के कारण हालात तो यह हो रहे हैं कि कई बार इलाके के गण्यमान्य लोग पुलिस सीनियर अधिकारियों को दफ्तरों में मिले लेकिन शराब की बिक्री बंद होने के बजाय और बढ़नी शुरू हो गई।

पुलिस की कुछ ‘काली भेड़ें’ भी हैं शामिल
सूत्रों से पता चला है कि उक्त मामले में दरअसल बढ़िया फार्मूला थाने में काफी देर से तैनात पुलिस जवान अपना रहे हैं, काम तो वह पंजाब पुलिस के लिए करते हैं और पैसे शराब तस्करों से लेते हैं। पुलिस की इन्हीं ‘काली भेड़ों’ के कारण शराब तस्करों को थाने में बैठने के लिए कुर्सियां मिलती हैं। दरअसल एक्साइज विभाग के नियम के मुताबिक यदि पंजाब की शराब तस्करों से पकड़ी जाए तो उन्हें थाने में ही जमानत पर रिहा कर दिया जाता है।

जमानत होने के बाद दोबारा वे फिर शराब बेचने का धंधा करने लगते हैं। थाने में तैनात पुलिस की काली भेड़ों ने शराब तस्करों से सौदा कर रखा है कि यदि सीनियर अधिकारियों का दबाव आया या फिर नाके पर वे शराब तस्करी करते पकड़े गए तो केस दर्ज करवाने के बाद उनकी जमानत करवा देंगे और उन्हें थर्ड डिग्री नहीं देंगे। वैस्ट थाने में तैनात ईमानदारी वाली छवि वाले एक ए.एस.आई. ने बताया कि शराब तस्करी का काम इतना बढ़ चुका है कि तस्कर रातों-रात अमीर हो रहे हैं और पंजाब सरकार को नुक्सान हो रहा है।

नशीली गोलियां डालकर बनाते हैं मिलावटी शराब
शराब तस्करी करने वाले लोग शराब नहीं, बल्कि जहर बेचने का काम कर रहे हैं। तस्कर शराब ठेकों से शराब की बोतल लाते हैं और उसे आधी कर उसमें नशीली गोलियां तथा कैमिकल, पानी आदि मिला कर मिलावटी शराब बनाते हैं।
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डी.सी.पी. लॉ एंड ऑर्डर बलकार सिंह ने बताया कि डी.जी.पी. व पुलिस कमिश्नर के आदेशों के मुताबिक महानगर को क्राइम फ्री करने का लक्ष्य उन्होंने उठा रखा है। इसके लिए वह विशेष पुलिस की टीमें बनाकर सूची तैयार करवाएंगे कि कौन-कौन शराब तस्करी करता है और उनका लिंक किन लोगों के साथ है। यदि तस्करों के साथ पुलिस जवानों की सैटिंग की बात सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
 

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