Jalandhar में गैंगस्टरों का खौफ! 6 महीनों में 15 बार चली गोलियां, 93 गैंगस्टर सक्रिय

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 02 Mar, 2026 06:02 PM

gangsters threaten jalandhar

जालंधर में अपराध की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिले में सितंबर से फरवरी के अंत तक, यानी छह महीनों के भीतर 15 बार फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। ये मामले ज्यादातर जबरन वसूली और रंजिश से जुड़े रहे हैं। आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबराय की...

जालंधर : जालंधर में अपराध की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिले में सितंबर से फरवरी के अंत तक, यानी छह महीनों के भीतर 15 बार फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। ये मामले ज्यादातर जबरन वसूली और रंजिश से जुड़े रहे हैं। आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबराय की हाल ही में हुई हत्या भी इसी कड़ी में शामिल है। अब तक पुलिस इन मामलों में केवल आठ आरोपियों को ही गिरफ्तार कर पाई है। पिछले छह महीनों में फायरिंग की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो चुकी है।

इनमें से सात मामले रंजिश के और चार मामले फिरौती से जुड़े बताए गए हैं। बाकी मामलों में पुलिस अभी स्पष्ट नहीं कर पाई है कि फायरिंग दुश्मनी या अन्य कारणों से हुई। साथ ही कई मामलों में यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि गोलियां किसने चलाईं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जालंधर जिले में कुल 93 गैंगस्टर सूचीबद्ध हैं, जिनमें से 64 पुलिस हिरासत से बाहर हैं। जिले में सात बड़े गैंग सक्रिय बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा नेटवर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग का है, जिसके 40 सदस्य हैं। इनमें 28 शहर से और 12 ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित हैं। दूसरे स्थान पर गोल्डी बराड़ गैंग है, जिसके 17 सक्रिय सदस्य हैं। बंबीहा गैंग और रिंदा-लंडा गैंग के 12-12 सदस्य सूची में शामिल हैं।

इसके अलावा जयपाल भुल्लर गैंग के छह, रवि बलाचौरिया गैंग के पांच और जग्गू भगवानपुरिया गैंग के दो सदस्य सूचीबद्ध हैं। आंकड़े बताते हैं कि लगभग 68 प्रतिशत गैंगस्टर जेल से बाहर हैं।
 
सूची में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अपराधियों के नाम भी शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सूची में सोनीपत (हरियाणा) से मोनू डागर का नाम शामिल है, जो इस समय जेल में है। इसी तरह अमरीक सिंह उर्फ विक्की मराडो, जो मूल रूप से जालंधर का नहीं है, यहां सक्रिय माना जाता है। कमिश्नरेट सूची में पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) से अभिनव मिश्रा (बंबीहा गैंग) का नाम भी शामिल है।

यह स्पष्ट संकेत देता है कि जालंधर अंतरराज्यीय गैंगस्टरों का सक्रिय केंद्र बनता जा रहा है। अधिकांश मामलों में सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस फायरिंग करने वालों और मास्टरमाइंड की पहचान करने में सफल नहीं हो पाई है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है, लेकिन अभी तक कोई नई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!