30 जत्थेबंदियों से अलग हुई किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, पंजाब में नहीं चलने देंगें ट्रेनें

Edited By Mohit,Updated: 21 Nov, 2020 09:42 PM

will not allow trains to run in punjab

सिर्फ मालगाड़ियों को रास्ता देंगे, यात्री ट्रेनों को नहीं चलने दिया जाएगा।

अमृतसरः केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के विभिन्न किसान संगठनों ने शनिवार को घोषणा की है कि यात्री ट्रेनों की आवाजाही के लिए वे 23 नवंबर से अपने रेल रोको आंदोलन को वापिस ले रहे हैं। जिसकी अनुमति देने का फैसला मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह के साथ किसान नेताओं के प्रतिनिधियों की एक बैठक के बाद आया है। लेकिन 30 किसान जत्थेबंदियों से अलग हुई किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने ऐलान किया है कि वह यात्री ट्रेन को रास्ता नहीं देंगे। 

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि वह सिर्फ मालगाड़ियों को रास्ता देंगे, यात्री ट्रेनों को नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह किसानों पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरेन्द्र केंद्र सरकार का साथ दे रहे हैं। 

गौरतलब है कि राज्य में माल और यात्री गाड़ियों की फिर से बहाली के लिए मुख्यमंत्री की तरफ से आज किसान संगठनों के साथ मीटिंग की गई थी, यह भी खबर थी कि कुछ किसान संगठन राज्य में दोनों ट्रेनों के चलाने के हक में थे जबकि कुछ इससे इंकार कर रहे थे। इससे पहले भी किसान जत्थेबंदियों ने राज्य में मालगाड़ियों को चलाने को मंजूरी दे दी थी जबकि केंद्र सरकार का तर्क था कि जब तक किसान पूरी तरह रेलवे ट्रैक खाली नहीं करते और मालगाड़ियां के साथ-साथ यात्री ट्रेने चलाने को राजी नहीं होते तब तक पंजाब में ट्रेनों को चलाने की मंजूरी नहीं दी जाएगी।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!