पंजाब में शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल, बिना प्रिंसीपल के चल रहे ज्यादातर स्कूल

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 19 Mar, 2026 05:44 PM

claims of an education revolution in punjab exposed

भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पिछले चार वर्षों से सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी की सरकार और खासतौर पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने और राज्य में शिक्षा क्रांति लाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं।

जैतो,  (रघुनंदन पराशर): भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पिछले चार वर्षों से सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी की सरकार और खासतौर पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने और राज्य में शिक्षा क्रांति लाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। पंजाब के सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को "स्कूल ऑफ एमिनेंस" बनाया गया है और 233 सरकारी स्कूलों को "पीएम श्री स्कूल" का दर्जा दिया गया है।

सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में प्रिंसिपल का पद सबसे अहम होता है, जो स्कूल की पूरी व्यवस्था संभालता है। बावजूद इसके, फरीदकोट जिले के रामेआना, रोडीकपूरा, मत्ता, चंदभान, बाजाखाना (गर्ल्स), गोबिंदगढ़ दबड़ीखाना, झक्कड़वाला, मचाकी कलां, हरी नौं, सादिक (गर्ल्स), गोलेवाला, ढुड्डी, कोट सुखिया, वांदर जटाना, जंड साहिब, शेर सिंह वाला, सुखन वाला, दीप सिंह वाला, फरीदकोट (गर्ल्स), बलबीर फरीदकोट, चंद बाजा, कोहार वाला, सरावां, पंजगराईं कलां (बॉयज) और जैतो (बॉयज) स्कूलों में लंबे समय से प्रिंसिपल के 25 पद खाली पड़े हैं।

फरीदकोट विधानसभा क्षेत्र के 14 स्कूलों में से 9 में प्रिंसिपल नहीं हैं। कोटकपूरा क्षेत्र के 13 स्कूलों में से 6 पद खाली हैं, जबकि जैतो क्षेत्र के 15 स्कूलों में से 10 स्कूल बिना प्रिंसिपल के चल रहे हैं।

इस संबंध में गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स यूनियन पंजाब के राज्य सलाहकार प्रेम चावला ने कहा कि विद्यार्थियों और जनता के हित में सरकार को तुरंत सभी खाली पद भरने चाहिए। उनका कहना है कि जब तक स्कूलों में प्रिंसिपलों और अन्य स्टाफ की कमी दूर नहीं होगी, तब तक शिक्षा क्रांति का सपना साकार नहीं हो सकता।

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