CBSE का बड़ा फैसला, इन स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल असेसमेंट स्कीम जारी

Edited By Urmila,Updated: 20 Mar, 2026 05:38 PM

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सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) ने संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.), सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे मिडल-ईस्ट देशों में स्थित अपने एफिलिएटेड स्कूलों के लिए एक स्पेशल असैसमैंट स्कीम की घोषणा की है।

लुधियाना (विक्की): सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) ने संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.), सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे मिडल-ईस्ट देशों में स्थित अपने एफिलिएटेड स्कूलों के लिए एक स्पेशल असैसमैंट स्कीम की घोषणा की है।

यह कदम उन क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जहां युद्ध जैसी अपरिहार्य परिस्थितियों, तनावपूर्ण माहौल और स्थानीय छुट्टियों के कारण कुछ विषयों की बोर्ड परीक्षाएं प्रभावित हुई थीं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 10वीं का रिजल्ट तैयार करने का आधार इस बात पर निर्भर करेगा कि विद्यार्थी ने कुल कितनी परीक्षाओं में भाग लिया है। यह स्कीम पूरी तरह निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है ताकि किसी भी विद्यार्थी का शैक्षणिक वर्ष खराब न हो।

ऐसे तैयार होगा 10वीं का रिजल्ट

सी.बी.एस.ई. द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, मूल्यांकन को 3 मुख्य कैटेगरी में बांटा गया है। यदि किसी विद्यार्थी ने 3 से अधिक विषयों की बोर्ड परीक्षा दी है तो उसके बैस्ट-3 प्रदर्शन वाले विषयों के अंकों का औसत निकाला जाएगा। इसी औसत अंक को उन विषयों के लिए दिया जाएगा जिनकी परीक्षा युद्ध या अन्य कारणों से नहीं हो पाई थी। जिन विद्यार्थियों ने केवल 3 विषयों की परीक्षा दी है, उनके बैस्ट-2 विषयों के अंकों का औसत शेष विषयों के लिए आबंटित किया जाएगा। वहीं जो विद्यार्थी केवल एक या 2 विषयों की परीक्षा दे पाए हैं, उनके मामले में इंटरनल असैसमैंट, प्रोजैक्ट वर्क और प्रैक्टिकल परीक्षाओं के अंकों को ही आधार बनाया जाएगा।

मिलेगा इम्प्रूवमैंट एग्जाम देने का विकल्प

बता दें मिडिल ईस्ट के सी.बी.एस.ई. स्कूल भारत के बाहर सबसे बड़े नैटवर्क में से एक हैं। यहां अक्सर युद्ध के हालातों, रमजान की छुट्टियों या स्थानीय प्रशासनिक कारणों से परीक्षा केंद्रों के समय में बदलाव करना पड़ा है। बोर्ड ने स्कूलों के प्रिं. को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों के इंटरनल मार्क्स समय पर पोर्टल पर अपलोड करें। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि यदि कोई विद्यार्थी अपने औसत अंकों से संतुष्ट नहीं होता है तो उसे भविष्य में स्थिति सामान्य होने पर 'इम्प्रूवमैंट परीक्षा' देने का विकल्प दिया जाएगा। हालांकि, यह विकल्प पूरी तरह वैकल्पिक होगा। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपडेट्स के लिए केवल आधिकारिक वैबसाइट cbse.gov.in पर ही भरोसा करें।

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