Edited By Tania pathak,Updated: 22 Jul, 2021 03:16 PM

सावन महीने की शुरुआत में ही मूसलाधार बारिश के साथ जहां आम जन जीवन को गर्मी से कुछ राहत मिली है वही अजनाला शहर के कस्बा गग्गोमाहल के किसानों के चेहरे फीके पड़ गए हैं। यहां...
अमृतसर(गुरजंट सिंह): सावन महीने की शुरुआत में ही मूसलाधार बारिश के साथ जहां आम जन जीवन को गर्मी से कुछ राहत मिली है वही अजनाला शहर के कस्बा गग्गोमाहल के किसानों के चेहरे फीके पड़ गए हैं। यहां पानी का निकास न होने के कारण किसानों की लगभग चालीस एकड़ के करीब धान की फ़सल ख़राब हो गई है। जिसको लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के गग्गोमाहल इकाई के प्रधान पलविन्दर सिंह माहल के नेतृत्व अंतर्गत किसानों की तरफ से प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की गई।
इस अवसर पर प्रधान परविंदर सिंह माहल ने जानकारी देते बताया कि कस्बा गग्गोमाहल में बारिश का पानी इकट्ठा होने के कारण उनकी चालीस एकड़ के करीब धान की फ़सल नष्ट हो गई है। उन्होंने बताया आढ़तियों से कर्ज़ लेकर धान की काश्त की गई थी। जिस पर लगभग 12 से 15 हज़ार रुपए प्रति एकड़ खर्चा लगा था। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी न होने के कारण हर साल ही उनकी धान की फ़सल डूब कर ख़राब हो जाती है। हर साल ही एस.डी.एम. अजनाला को इस संबंधी मांग पत्र दिया जाता है परन्तु प्रशासन इस मसले को कोई हल नहीं निकालता। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उनकी खराब हुई फसल का मुआवजा दिया जाए और पानी की निकासी का पक्के तौर पर प्रबंध किया जाए।