‘पंजाबी और अन्य भाषा शिक्षा (संशोधन) बिल’ पास, राज्य भाषा को लागू करने के लिए उठाए जाएंगे अहम कदम

Edited By Sunita sarangal,Updated: 12 Nov, 2021 10:51 AM

punjabi and other language education amendment bill passed

उच्च शिक्षा एवं भाषा मंत्री परगट सिंह ने पंजाब विधानसभा में पंजाबी भाषा से संबंधित 2 महत्वपूर्ण बिल ''पंजाबी और अन्य भाषा शिक्षा (संशोधन) विधेयक, 2021'' और ''पंजाब राज्य भाषा (संशोधन) बिल-2021'' ...

चंडीगढ़ः उच्च शिक्षा एवं भाषा मंत्री परगट सिंह ने पंजाब विधानसभा में पंजाबी भाषा से संबंधित 2 महत्वपूर्ण बिल 'पंजाबी और अन्य भाषा शिक्षा (संशोधन) विधेयक, 2021' और 'पंजाब राज्य भाषा (संशोधन) बिल-2021' पेश किए जो विधानसभा द्वारा पारित किए गए हैं।

राज्य भर के स्कूलों में पहली कक्षा से दसवीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों के लिए पंजाबी को जरूरी विषय के तौर पर सख्ती से साथ लागू करने के लिए ‘पंजाबी और अन्य भाषा शिक्षा (संशोधन) बिल, 2021’ पास किया गया।

इसी के साथ जुर्माना राशि 25,000, 50,000 और एक लाख रुपए से बढ़ा कर क्रमवार 50,000, एक लाख रुपए और दो लाख रुपए हो जाएगी। कोई भी स्कूल जो पहली बार एक महीने से अधिक की अवधि के लिए अधिनियम या इसके तहत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, 50,000 रुपए के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगा। बशर्ते कि यदि ऐसा स्कूल एक्ट के अधिनियम और इस अधीन बनाए नियमों की एक महीने से अधिक समय के लिए दूसरी बार उल्लंघन करेगा तो वह एक लाख रुपए जुर्माने का भागीदार होगा। बशर्ते कि यदि ऐसा स्कूल एक्ट के अधिनियम और इस अधीन बनाए नियमों की एक महीने से अधिक समय के लिए तीसरी बार उल्लंघन करेगा तो वह 2 लाख रुपए जुर्माने का भागीदार होगा।

दूसरा बिल पंजाब राज्य भाषा (संशोधन बिल-2021 के पास किया गया जिसके अंतर्गत कार्यालय कामकाज पंजाबी भाषा में न करने वाले आधिकारियों/कर्मचारियों विरुद्ध सजा के अलावा जुर्माने की व्यवस्था की गई है। पहली बार उल्लंघना करने वाले कर्मचारी को समर्थ अथारिटी डायरैक्टर, भाषा विभाग, पंजाब की सिफारिशों अनुसार 500 रुपए जुर्माना किया जा सकता है। दूसरी बार उल्लंघना करने पर ऐसा जुर्माना 2000 रुपए और तीसरी बार करने पर ऐसा जुर्माना 5000 रुपए तक किया जा सकता है। ऐसा जुर्माना अधिकारी/कर्मचारी की तनख्वाह से वसूल किया जाएगा।

इस मौके मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य सरकार की पंजाबी मातृभाषा को प्रफुल्लित करने के लिए वचनबद्धता दोहराते हुए कहा कि जहां राज्यों में सभी स्कूलों में दसवीं तक पंजाबी विषय पढ़ाना जरूरी है वहीं राज्यों में सभी बोर्डों पर सबसे पहले पंजाबी भाषा लिखनी यकीनी बनाई जाएगी।

ऊंची शिक्षा और भाषाओं बारे मंत्री परगट सिंह ने इस मौके बोलते कहा कि पंजाबी हमारी मातृभाषा है जिसको प्रफुल्लित करने के लिए हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब में 23 में से 21 जिलों में जिला भाषा अफसर की असामियां खाली थी जिनको आते दिनों में भरा जा रहा है। इसी तरह राज्य भाषा एक्ट को लागू करने के लिए राज्य स्तरीय बोर्ड या समिति बनेगी। इसी तर्ज पर जिला स्तर पर भी समितियां बनेगी जो पंजाबी भाषा से संबंधित एक्ट को सख्ती के साथ लागू करवाएंगी।

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