Edited By Urmila,Updated: 03 Mar, 2023 02:24 PM

पंजाब विधानसभा में आज राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने अपने अभिभाषण में अपनी ही दावों का खंडन किया।
जालंधर (नरेन्द्र मोहन ): पंजाब विधानसभा में आज राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने अपने अभिभाषण में अपनी ही दावों का खंडन किया। पंजाब के सीमा क्षेत्रों में जाकर आए राज्यपाल ने राज्य ने नशों पर गहरी चिंता प्रकट की थी , परन्तु आज अपने अभिभाषण में उन्होंने इसको कोई चिंता नहीं की। इसी प्रकार सिंगापुर भेजे गए अध्यापकों के मामले को भी सरकार की उपलब्धि बताया है जबकि उन्होंने विदेश भेजे अध्यापकों के चुनाव के मापदंड को लेकर सरकार को कटहरे में खड़ा किया हुआ है।
करीब एक माह पहले पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया था, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया था। राज्यपाल ने कहा था कि अब तो ड्रग्स स्कूलों तक भी पहुंच गई है। हालात यह है कि गांवों में नशा जनरल स्टोर पर मिलने वाले सामान की तरह मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि बच्चों को नशे की दलदल में जाते देखकर मां-बाप परेशान हैं। बच्चे ड्रग माफिया के चंगुल में फंस चुके हैं उन्होंने पंजाब पुलिस पर भी तीखी टिप्पणी की थी।
उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से पता चला है कि पंजाब पुलिस के कई जवान भी नशे के आदी हो चुके हैं परन्तु आज उनके अभिभाषण में कहा गया कि राज्य में युवाओं को रोजगार देकर नशे की आदत को खत्म किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को दिए रोजगार को नशा समाप्ति के साथ जोड़ते हुए रोजगार के आंकड़ों को भी सरकार की प्राप्ति के रूप में बताया। राज्यपाल ने 13 फरवरी को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर भेजे गए सरकारी स्कूलों के अध्यापकों, मुखिया का चुनाव करने को लेकर मापदंडों की रिपोर्ट मांगी थी। इस रिपोर्ट को मांगते हुए राज्यपाल ने कहा था कि इस बारे में कई तरह की शिकायतें मिल चुकी हैं। अपने पत्र में राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से इसका जवाब देने के लिए कहा था और साथ ही यह भी कहा था कि अगर मुख्यमंत्री इसका जवाब नहीं देते तो राज्यपाल कानूनी सलाह लेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि प्रथम दौर में 36 प्रधानाचार्य को सिंगापुर में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था और उसके बाद एक दिन पहले फिर से 30 प्रिंसिपल को सिंगापुर में ट्रेनिंग लेने के लिए भेज दिया गया है परंतु मुख्यमंत्री ने अभी तक राज्यपाल द्वारा मांगे गए प्रश्नों का जवाब नहीं दिया। आज विधानसभा में अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं के मुख्यमंत्री उनके मांगे गए प्रश्नों का जवाब शीघ्र अति शीघ्र देंगे। उन्होंने तल्ख टिप्पणी भी की कि सरकार को पारदर्शिता अपनानी चाहिए और गैर संवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल करने से गुरेज करना चाहिए। अपने अभिभाषण के दौरान राज्यपाल ने विपक्ष के विरोध के जवाब में कहा कि वें इस अभिभाषण को पढ़ने के लिए बाध्य हैं।
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