पंजाब में शिक्षा क्रांति के दावे हुए हवा: बिना प्रिंसिपल के हुई मैगा PTM, व्यवस्था पर उठे सवाल

Edited By Kalash,Updated: 29 Mar, 2026 10:46 AM

punjab schools without principals

पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में 'इंकलाब' लाने और विश्व स्तरीय सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करने वाली 'आप' सरकार की असलियत अब धरातल पर पूरी तरह खुलकर सामने आ रही है।

लुधियाना (विक्की): पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में 'इंकलाब' लाने और विश्व स्तरीय सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करने वाली 'आप' सरकार की असलियत अब धरातल पर पूरी तरह खुलकर सामने आ रही है। विज्ञापनों में शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और प्रिंसीपलों को ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर की सैर करवाने वाली सरकार के राज में कड़वी हकीकत यह है कि राज्य के आधे से ज्यादा सीनियर सैकेंडरी स्कूल बिना किसी स्थायी प्रिंसीपल के राम भरोसे चल रहे हैं।

नए सैशन की दहलीज पर खड़े विद्यार्थियों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ सरकार की उस सुस्त कार्यप्रणाली पर गहरा सवालिया निशान लगाता है जो अपने 4 सालों के लंबे कार्यकाल में प्रिंसीपलों की खाली पड़ी सीटों पर प्रोमोशन तक नहीं कर सकी है। आलम यह है कि मेगा पी.टी.एम. के दौरान सैकड़ों स्कूलों में माता-पिता को मिलने के लिए स्कूल का अपना प्रिंसीपल ही मौजूद नहीं रहा, जो सरकार की कथित 'शिक्षा क्रांति' की पोल खोलने के लिए काफी है।

बिना प्रिंसीपल के कैसी होगी पी.टी.एम. 

लैक्चरार कैडर यूनियन पंजाब के सूबा वित्त सचिव और जिलाध्यक्ष धर्मजीत सिंह ढिल्लों ने मीटिंग के बाद कड़े शब्दों में सरकार की निंदा करते हुए कहा कि पंजाब के 950 सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में बिना प्रिंसीपल के ही मैगा पी.टी.एम. हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ सरकार प्रिंसीपलों को ट्रेनिंग के लिए विदेशों में भेजकर फोटो खिंचवा रही है, वहीं दूसरी तरफ सूबे के सैंकड़ों स्कूलों में बच्चों के पास अपना स्कूल प्रमुख तक नहीं है। ढिल्लों ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से मांग की कि विज्ञापनों वाली शिक्षा क्रांति को छोड़कर धरातल पर प्रिंसिपल नियुक्त किए जाएं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

अधूरे प्रबंधों के बीच कैसे सुधरेगा शैक्षिक माहौल 

यूनियन के लेडीज विंग की जिला प्रधान शिवानी, यूनियन नेता हेमलता और रेखा बहिल ने कहा कि बिना प्रिंसीपल के स्कूलों में अनुशासन और शैक्षिक स्तर बनाए रखना नामुमकिन है। यूनियन नेताओं दविंदर सिंह गुरु, जसपाल सिंह, राजवीर सिंह हंबड़ा, गुरजेपाल सिंह, प्रमोद जोशी, सलाहकार अमरजीत सिंह, मीडिया इंचार्ज रमनदीप सिंह, वनीत अरोड़ा, प्रैस सचिव अलबेल सिंह पुड़ैण, हरप्रीत सिंह साहनेवाल और मनदीप सिंह सेखों ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि अगर जल्द स्कूल प्रमुख नहीं लगाए गए तो स्कूलों के परिणाम और अनुशासन दोनों बिगड़ जाएंगे। यूनियन के वित्त सचिव जगदीप सिंह ने भी रोष जताते हुए कहा कि प्रिंसिपल न होने के कारण स्कूलों में रोजाना के प्रशासनिक कामों में भारी रुकावट आ रही है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!