अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र पर पुलिस की Raid, 10 युवक मुक्त करवाए

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 11 Jul, 2026 08:20 PM

police raid on illegally running drug de addiction centre

दोराहा थाना क्षेत्र के साथ लगते गांव जसपालों में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे एक नशा मुक्ति केंद्र का पुलिस एवं स्पेशल ब्रांच की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ करते हुए 10 युवकों को वहां से सुरक्षित मुक्त कराया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि केंद्र...

दोराहा  (विनायक): दोराहा थाना क्षेत्र के साथ लगते गांव जसपालों में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे एक नशा मुक्ति केंद्र का पुलिस एवं स्पेशल ब्रांच की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ करते हुए 10 युवकों को वहां से सुरक्षित मुक्त कराया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि केंद्र बिना किसी सरकारी अनुमति या वैध लाइसेंस के एक मकान में संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव जसपालों में एक व्यक्ति बिना किसी कानूनी अनुमति के नशा मुक्ति केंद्र चला रहा है, जहां युवकों को नशा छुड़ाने के नाम पर रखा जाता है। सूचना के आधार पर गठित टीम ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मकान के भीतर से करीब 10 युवक मिले, जिन्हें पुलिस ने अपने संरक्षण में लेकर सुरक्षित बाहर निकाला।

इलाज के नाम पर युवकों को लाकर रखा जाता था। कोट पुलिस चौकी के प्रभारी कर्मजीत सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि हरदेव सिंह उर्फ देबी नामक व्यक्ति युवाओं को नशा छुड़ाने एवं उपचार कराने का झांसा देकर अपने घर में रखता था। केंद्र के संचालन के संबंध में कोई वैध लाइसेंस अथवा सरकारी अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। पुलिस ने सभी युवकों को आवश्यक कार्रवाई के बाद समराला के सिविल अस्पताल भेजा, जहां उनका विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन्हें वहां किन परिस्थितियों में रखा गया था और उनके साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना या अन्य अवैध गतिविधि तो नहीं हुई।

छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई। नियमानुसार ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग की टीम की उपस्थिति आवश्यक होती है, ताकि मौके पर चिकित्सकीय परीक्षण एवं अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराई जा सकें। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया। जिन अधिकारियों से संपर्क हो पाया, वे भी मौके पर नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम के अनुपस्थित रहने के कारण पुलिस को अकेले ही पूरी कार्रवाई संभालनी पड़ी, जिससे विभागीय संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया।

गौरतलब है कि जिले में अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ इससे पहले भी व्यापक अभियान चलाया जा चुका है। 30 जनवरी 2026 को एसएसपी के निर्देशों पर पुलिस ने जिले के चार अलग-अलग अवैध नशा मुक्ति केंद्रों पर एक साथ छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में गांव घुंघराली राजपूता के दो तथा गोबिंदपुरा एवं राड़ा साहिब के एक-एक केंद्र से 100 से अधिक युवकों को कथित रूप से बंधक जैसी परिस्थितियों से मुक्त कराया गया था।
 

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