Punjab : मौत बन दौड़ रहे ओवरलोड टिप्पर! बड़े हादसे का इंतजार कर रहा सिस्टम?

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 05 Jun, 2026 09:30 PM

overloaded tippers racing like death traps in doraha

दोराहा की लकड़ मंडी स्थित घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र से प्रतिदिन गुजर रहे रेत-बजरी से भरे ओवरलोड टिप्पर स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण न केवल लोगों की जान को खतरा पैदा हो रहा है, बल्कि...

दोराहा,  (विनायक): दोराहा की लकड़ मंडी स्थित घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र से प्रतिदिन गुजर रहे रेत-बजरी से भरे ओवरलोड टिप्पर स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण न केवल लोगों की जान को खतरा पैदा हो रहा है, बल्कि क्षेत्र में बिजली और टेलीफोन की तारों, खंभों तथा अन्य सार्वजनिक ढांचों को भी लगातार नुकसान पहुंच रहा है। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने के कारण लोगों में भारी रोष पाया जा रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार रेत और बजरी से लदे कई टिप्पर निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक भार लेकर संकरी रिहायशी गलियों और सड़कों से गुजरते हैं। कई बार इन वाहनों की ऊंचाई और ओवरलोडिंग के कारण बिजली एवं संचार विभाग की तारों से टक्कर हो जाती है, जिससे तार टूटने, खंभे झुकने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

इलाका निवासियों ने बताया कि रिहायशी क्षेत्र से गुजरने वाले ये ओवरलोड टिप्पर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। टिप्परों में रेत को ढकने के लिए तिरपाल का उपयोग न होने के कारण उड़ती धूल और रेत पीछे आ रहे वाहन चालकों की आंखों में पड़ती है, जिससे उनका संतुलन बिगड़ने और दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

उल्लेखनीय है कि पंजाब में पिछले समय के दौरान अवैध माइनिंग और ओवरलोड वाहनों के कारण कई भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें निर्दोष राहगीरों और स्कूली बच्चों तक को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसके बावजूद ओवरलोडिंग के कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है। इसके अलावा निर्धारित सीमा से अधिक भार ढोने वाले ये वाहन सड़कों और पैदल मार्गों की टाइलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए सार्वजनिक ढांचे ओवरलोडिंग के कारण समय से पहले खराब हो रहे हैं, जिसका आर्थिक बोझ अंततः आम लोगों को ही उठाना पड़ता है।

भले ही पंजाब सरकार और परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त करने के निर्देश जारी किए जाते रहे हैं, लेकिन दोराहा के रिहायशी क्षेत्रों में हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड टिप्परों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

ओवरलोड टिप्पर लोगों की जान के बन रहे खौफनाक दुश्मन : इंजी. जगदेव सिंह बोपाराय

शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रख्यात समाजसेवी इंजीनियर जगदेव सिंह बोपाराय ने लकड़ मंडी के रिहायशी क्षेत्र से ओवरलोड टिप्परों की निरंतर आवाजाही की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आम लोगों की जान के साथ खुला खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों की लूट और अवैध माइनिंग का मामला लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है, लेकिन सरकार और प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई जमीनी स्तर पर बेअसर साबित हो रही है। इंजी. बोपाराय ने कहा कि जब भारी ओवरलोड वाहन रिहायशी क्षेत्रों, स्कूलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बेरोकटोक गुजरते हैं तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और सरकार की होगी। उन्होंने मांग की कि ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों की तत्काल जांच कर उन्हें जब्त किया जाए, अवैध माइनिंग से जुड़े तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा रिहायशी क्षेत्रों में ऐसे वाहनों के प्रवेश पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो शिरोमणि अकाली दल और क्षेत्र के लोग जनहित में संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे।

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