BCM स्कूल के बच्चों और बसों के लिए मुसीबत बने गेट, GLADA के पास पहुंचा मामला

Edited By Vatika,Updated: 11 Aug, 2026 09:12 AM

bcm school ludhiana

चंडीगढ़ रोड स्थित बीसीएम स्कूल के आसपास की कई गलियों में स्थानीय निवासियों द्वारा लगाए गए गेट अब स्कूल आने वाले

लुधियाना (विक्की): चंडीगढ़ रोड स्थित बीसीएम स्कूल के आसपास की कई गलियों में स्थानीय निवासियों द्वारा लगाए गए गेट अब स्कूल आने वाले बच्चों, अभिभावकों और स्कूल बसों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। स्कूल की केजी विंग की हैडमिस्ट्रेस रितु स्याल ने इस संबंध में गलाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर को पत्र भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में हेड मिसट्रेस ने बताया है कि सेक्टर-32 स्थित गलाडा अप्रूव्ड रिहायशी इलाके में स्कूल के आसपास की कई गलियों को गेट लगाकर बंद या सीमित कर दिया गया है। इसके चलते स्कूल में बच्चों को छोड़ने और लेने आने वाले पेरेंट्स जो कि दोपहिया और चार पहिया वाहनों पर आते हैं  के साथ बच्चों की स्कूल बसों और वैन को भी आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में कहा गया है कि रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे इन रास्तों से स्कूल पहुंचते हैं। खासकर केजी कक्षाओं में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को भीड़भाड़ और सीमित रास्तों के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने और दोपहर छुट्टी के समय उन्हें लेने के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। संकरी और प्रतिबंधित आवाजाही के कारण कई बार ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन जाती है और वाहन चालकों व स्थानीय निवासियों के बीच विवाद की नौबत भी आ जाती है।

इमरजेंसी वाहनों की आवाजाही बाधित होने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधन ने जताई गहरी चिंता
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि स्कूल बसों के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है। बड़ी बसों को गलियों में प्रवेश करने और बच्चों को सुरक्षित तरीके से उतारने-चढ़ाने में परेशानी होती है। वहीं, अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल तक लाने और वापस ले जाने में अतिरिक्त समय लग रहा है। सबसे बड़ी चिंता छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर जताई है। स्कूल प्रबंधन ने गलाडा को अवगत करवाया है कि यदि किसी आपात स्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या अन्य आपातकालीन वाहन को स्कूल तक पहुंचने की आवश्यकता पड़े तो गेट से यह प्रतिबंधित रास्ते गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं। स्कूल ने कहा है कि वह स्थानीय निवासियों की चिंताओं का सम्मान करता है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा और स्कूल तक सुचारू एवं सुरक्षित पहुंच को भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसी को देखते हुए गलाडा से क्षेत्र का निरीक्षण करवाकर स्कूल प्रबंधन और स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत के माध्यम से उचित समाधान निकालने की अपील की गई है।


पेरेंट्स बोले: लंबे रास्ते से घूमकर आना पड़ रहा, कम से कम स्कूल टाइम पर खुलें गेट
दूसरी ओर, बच्चों को स्कूल छोड़ने आने वाले पेरेंट्स ने भी अपनी भड़ास निकाली है। पेरेंट्स का कहना है कि गलियों के गेट बंद होने के कारण उन्हें लंबा सफर तय करके घूमकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे उनका समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं। पेरेंट्स की मांग है कि स्थानीय निवासियों और प्रशासन को कम से कम स्कूल लगने और छुट्टी होने के समय पर ये गेट खुले रखने चाहिए, ताकि बच्चों की आवाजाही आसानी से हो सके।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!