CP दफ्तर के पास होटल में फिर सजा सट्टे का अड्डा, ' 'D' गैंग के 5 पार्टनरों की भूमिकाओं का बड़ा खुलासा

Edited By Kalash,Updated: 06 Aug, 2026 04:40 PM

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चीमा चौक स्थित होटल में अपना नेटवर्क चलाने के बाद अब 'गुडमंडी' निवासी 'D' (डी) नाम के शातिर सट्टेबाज ने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए अपना नया ठिकाना सीधा पुलिस कमिश्नर (CP) दफ्तर के बिल्कुल नजदीक स्थित एक होटल को बना लिया है।

लुधियाना (राज): शहर में सट्टेबाजी और जुए का काला कारोबार खाकी को खुली चुनौती दे रहा है। चीमा चौक स्थित होटल में अपना नेटवर्क चलाने के बाद अब 'गुडमंडी' निवासी 'D' (डी) नाम के शातिर सट्टेबाज ने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए अपना नया ठिकाना सीधा पुलिस कमिश्नर (CP) दफ्तर के बिल्कुल नजदीक स्थित एक होटल को बना लिया है। दो दिनों तक D ने अपने 5 अन्य पार्टनरों के साथ मिलकर होटल के रूम नंबर 304 और 305 को बुक कर वहां बेखौफ जुए का अड्डा चलाया था।  हैरानी की बात यह है कि पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे यह पूरा खेल चलता रहा और अधिकारी आंखें मूंदकर बैठे रहे।

'D' का 5 पार्टनरों का मजबूत सिंडिकेट: जानिए कौन-क्या संभालता है? 

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे रैकेट को 6 लोगों का संगठित गिरोह चला रहा है, जिसमें हर किसी की भूमिका तय है, 'D' (गुडमंडी): इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना, जो वैन्यू तय करने से लेकर बैकएंड का सारा काम देखता है। 'R' (क्रिकेट बुकी): यह आरोपी क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगाने का काम करता है और शाम पैलेस के पास स्थित अपने दफ्तर में भी सट्टा खिलवाता है। 'J' (ऑन-द-स्पॉट फाइनेंसर) जुए में पैसे हारने वाले खिलाड़ियों को तुरंत मोटी ब्याज दरों पर नकद रकम  उधार देता है, ताकि खेल रुकने न पाए। 'S' (वैन्यू मैनेजर व सप्लाई नेटवर्क) ग्राहकों को होटल तक लाने, हर बार नए होटल/वैन्यू की व्यवस्था करने और ग्राहकों को लुभाने के लिए लड़कियां सप्लाई करने का जिम्मा संभालता है। 'B' (गिल रोड) यह गिल रोड के एक प्रसिद्ध बुकी का भाई है, जो 'S' के साथ मिलकर देह व्यापार के धंधे को बढ़ावा देता है।

पुलिस से साठगांठ का दावा, रोजाना बदल रहे ठिकाना 

यह सिंडिकेट इतना बेखौफ हो चुका है कि सरेआम दावा करता है कि उनकी स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ पूरी 'सेटिंग' है। कमिश्नर दफ्तर के पास स्थित होटल में चलाया गया जुआ भी इसी मिलीभगत के दम पर होने का दावा किया जा रहा था कार्रवाई से बचने के लिए यह शातिर गिरोह रोजाना अपने वैन्यू बदल देता है ताकि किसी की रेड से बचा जा सके।

झूठी मुखबरी का ड्रामा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी 'D' ने हाल ही में खुद को बचाने और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए पुलिस को एक फर्जी गुप्त सूचना दी थी, जो जांच में पूरी तरह झूठी निकली। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा इन शातिर सट्टेबाजों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न किया जाना कई बड़े सवाल खड़े करता है। आखिर क्यों पुलिस कमिश्नर दफ्तर के पास चल रहे इस काले कारोबार पर कार्रवाई करने से कतरा रही है? स्थानीय निवासियों ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि इस पूरे सिंडिकेट पर शिकंजा कसा जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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