Edited By Urmila,Updated: 31 Jan, 2026 03:04 PM

मास्टर कैडर यूनियन पंजाब के स्टेट उप प्रधान जगजीत सिंह साहनेवाल और जिला जनरल सेक्रेटरी गुरप्रीत सिंह दोराहा ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया।
पंजाब डेस्क : मास्टर कैडर यूनियन पंजाब के स्टेट उप प्रधान जगजीत सिंह साहनेवाल और जिला जनरल सेक्रेटरी गुरप्रीत सिंह दोराहा ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने मास्टर कैडर के टीचरों पर नया एक्सपेरिमेंट करते हुए 10वीं तक पढ़ाने वाले मास्टर कैडर के नॉन-सब्जेक्ट टीचरों को 12वीं बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षा देने के आदेश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग के जारी आदेशों ने मौजूदा सरकार के शिक्षा क्रांति के दावों को खोखला साबित कर दिया है।
इस मौके पर जिला इकाई लुधियाना के वित्त सचिव स्वर्ण सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजविंदर सिंह, उपाध्यक्ष नवदीप सिंह, प्रैस सचिव मनोज कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग ने बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल लेने के लिए गैर विषय अध्यापकों की ड्यूटी लगा दी है, जिसमें गणित विषय के अध्यापक की साइंस या होम साइंस विषय में, सामाजिक शिक्षा विषय के अध्यापक की कॉमर्स विषय में और वोकेशनल विषय के अध्यापक की कॉमर्स विषय में ड्यूटी लगाई गई है।
जिला लुधियाना के संगठन के नेताओं जिनमें ब्लॉक अध्यक्ष प्रभजोत सिंह, हरजिंदर सिंह खन्ना, हरविंदर सिंह पुरैन, नवीन कपिला, जगमीत सिंह सिमरनजोत सिंह, जिला महिला इकाई की वरिष्ठ उप प्रधान कंवलजीत कौर, सुपरजीत कौर, जसवीर कौर, मनजीत कौर, रूपिंदर कौर, सुषमा शर्मा ने शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए कहा कि विभाग ने तुगलकी फरमान में अध्यापकों की ड्यूटी 50-60 किलोमीटर दूर लगा दी है, इसलिए विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की गई कि इन आदेशों में तुरंत संशोधन किया जाए।
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