लुधियाना में TET अध्यापकों का रोष मार्च, फूंकी पंजाब सरकार की अर्थी

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 17 Mar, 2026 06:01 PM

tet teachers stage protest march in ludhiana

ज़िले लुधियाना की सभी अध्यापक संघों ने ज़बरदस्ती थोपे गए TET के खिलाफ पंजाब सरकार की अर्थी फूंक प्रदर्शन किया गया।

लुधियाना  :  ज़िले लुधियाना की सभी अध्यापक संघों ने ज़बरदस्ती थोपे गए TET के खिलाफ पंजाब सरकार की अर्थी फूंक प्रदर्शन किया गया। विशाल रोष धरने को संबोधित करते हुए धन्ना सिंह स्वद्दी स्पेटा, अरविंदर सिंह भंगू, जगजीत सिंह मान, जगजीत सिंह झांडे, मनोज बसी (मास्टर कैडर), मनराज सिंह (SSA रामसा), राजिंदर सिंह चौहान (एसोसिएट अध्यापक यूनियन) के नेताओं ने बताया कि शिक्षा क्रांति का ढिंढोरा पीटने वाली राज्य सरकार अपने अध्यापकों और सरकारी स्कूलों के साथ खड़ा होने की बजाय, TET के नाम पर अध्यापकों को मानसिक उत्पीड़न का शिकार बना रही है।

अध्यापकों की भर्ती और प्रमोशन के समय उनकी योग्यताओं के पैमाने बार-बार बदलकर, उनसे बचना पंजाब सरकार की एक पक्की नीति बनती दिख रही है। इस नीति के लिए दिशा-निर्देश केंद्र की भाजपा सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 से लिए जा रहे हैं।

पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा 2011 से पहले ज्वाइन हुए अध्यापकों पर जबरदस्ती TET की शर्त थोप दी जा रही है। इस सिलसिले में, 14 सितंबर 2017 को जारी पत्र, जिसमें TET से छूट दी गई थी, पंजाब सरकार ने रद्द कर दिया और 7 फरवरी 2026 के अपने ताज़ा फरमान के जरिए मास्टर कैडर की पदोन्नतियों के लिए TET अनिवार्य कर दी।

इसके विरोध में 22 फरवरी को पंजाब की सभी अध्यापक संघों द्वारा राज्यस्तरीय विशाल रोष रैली करने के बाद, पंजाब के शिक्षा मंत्री ने आंदोलनकारी अध्यापक संघों को 27 फरवरी का समय दिया, लेकिन सरकार अध्यापक संघों से बात करने से भाग गई। अब उसने ही लिखित पत्र के जरिए दिए गए मीटिंग के बुलावे से भी दूरी बना ली और 6 मार्च का समय दिया। इस गैर-जिम्मेदार रवैये का सभी अध्यापक संगठनों ने कड़ा नोटिस लिया है।

इसके परिणामस्वरूप आज अध्यापकों को TET की बेवजह शर्त लगाकर प्रमोशन से वंचित करने के खिलाफ, सरकार की मीटिंग से भागने और टाल-मटोल की नीति के खिलाफ अध्यापकों ने रोषपूर्ण मार्च करके पंजाब सरकार की अर्थी को लांबू लगाया और सरकार से सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अपील करने, विधानसभा में इस पर मत लाने और राज्य में अध्यापकों की भर्ती व प्रमोशन के लिए राज्य सरकार का विशेष अध्यापक-पक्षीय कानून लाने की मांग की।

इस समय धन्ना सिंह स्वद्दी स्पेटा, अरविंदर सिंह भंगू, जगजीत सिंह मान, जगजीत सिंह झांडे, मनोज बसी (मास्टर कैडर), मनराज सिंह (SSA रामसा), राजिंदर सिंह चौहान (एसोसिएट अध्यापक यूनियन), सर्वजीत सिंह चौंकीमैन, हरदेव मुल्लांपुर, कुलदीप सिंह सुनेट, गुरएकबाल सिंह ढालीवाल, प्रभदियाल सिंह, बेतांत सिंह, रोहित कुमार अवस्थी, सुमन जिंदल, किरणजीत कौर, रमनदीप साहनेवाल आदि नेता उपस्थित थे।

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