LPG सिलेंडरों को लेकर बढ़ी Tension! बुकिंग के बाद भी पड़ा पंगा, जानें कारण

Edited By Vatika,Updated: 19 Sep, 2026 10:31 AM

lpg cylinder booking

लेकिन चंद गैस एजेंसियों के डिलीवरी मैन्स और घरेलू गैस की कालाबाजारी करने वाले माफिया की आपसी

लुधियाना (खुराना): केंद्रीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा एल.पी.जी. गैस सिलैंडरों की बुकिंग और सप्लाई में पूर्ण तौर पर पारदर्शिता लाने के लिए भले ही संबंधित उपभोक्ताओं की ई.के.वाई.सी. करवाने और रजिस्टर्ड मोबाइल फोन नंबर पर ओ.टी.पी. (डी.ए.सी.) कोड आदि भेजने जैसे कई तरह एक्सपेरिमैंट किए जा रहे हैं। लेकिन चंद गैस एजेंसियों के डिलीवरी मैन्स और घरेलू गैस की कालाबाजारी करने वाले माफिया की आपसी आपसी सांठ-गांठ के कारण केंद्रीय मंत्रालय सहित गैस कंपनियों की तमाम कोशिश और प्रयास पूरी तरह से विफल होती हुई नजर आ रही है। इसकी लाइव वीडियो और तस्वीरें इस सच्चाई को बयां कर रही हैं कि कैसे गैस एजैंसी के डिलीवरी मैन ब्लैकियों के साथ सैटिंग कर उन्हें घरेलू गैस की कालाबाजारी करने के लिए स्कूटी पर ही 5-5 सिलैंडर लोड करके दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि डिलीवरी मैन द्वारा माफिया को 1300 से 1500 रुपए तक में गैस सिलैंडर ब्लैक में दिए गए हैं जबकि गैस कम्पनियों द्वारा 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलैंडर के निर्धारित की गई बाजारी कीमत 969 के करीब है। इस बात का जिक्र करना भी अनिवार्य होगा कि आम उपभोक्ता को गैस सिलैंडर की बुकिंग करवाने से लेकर सप्लाई प्राप्त करने दौरान कई तरह के पापड़ बेलने पड़ते हैं और कई बार तो डिलीवरी मैन और गैस एजेंसी डीलर की मिन्नतें से तक भी करनी पड़ती है। इस एपिसोड में चौंकाने वाली बात यह है कि घरेलू गैस की कालाबाजारी पर लगाम कने संबंधी बड़े-बड़े दावे काटने वाले गैस कंपनियों के अधिकारियों सहित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर्स का गैस माफिया पर कोई कंट्रोल नहीं है। इसके कारण शहर के अधिकतर इलाकों में खुलेआम घरेलू गैस की कालाबाजारी के नाम पर मौत का धंधा पूरे जोरों से फल-फूल रहा है।

जल्द होगा बड़ा एक्शन : कंट्रोलर
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा और लखबीर सिंह संधू ने रटारटाया जवाब देते हुए कहा कि शहर में मौत का काला कारोबार और घरेलू गैस की कालाबाजारी करने वाले माफिया के खिलाफ जल्द बड़ा एक्शन लिया जाएगा । उन्होंने कहा कि गैस माफिया के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारियां करने के लिए टीम में गठित कर दी गई है और कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करने सहित पुलिस को मौके पर ही शिकायत दर्ज करवा कर एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के तहत मामले दर्ज करवाए जाएंगे।

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