Edited By Vatika,Updated: 19 Sep, 2026 08:49 AM

करियां सिर्फ पाकिस्तानी लोगों के यहां ही लगवाई जाती है और वह पाकिस्तानी भारतीयों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार करते हैं।
जालंधरः कुछ दिन पहले वॉसल मॉल में स्थिति अराध्या इंटरप्राइजिज नाम के इमीग्रेशन दफ्तर के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद अब उनके युवक द्वारा बड़ा खुलासा किया है। अराध्या इंटरप्राइजिज के पीड़ित क्लाइंट ने खुलासा किया है यह जितने भी लोगों को वर्क परमिट पर दुबई भेजते है, उनकी नौकरियां सिर्फ पाकिस्तानी लोगों के यहां ही लगवाई जाती है और वह पाकिस्तानी भारतीयों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार करते हैं।
कुछ समय पहले ही दुबई से लौटे नीरज कुमार ने बताया कि दुबई जाने के लिए उसने भी अराध्या इंटरप्राइजिज के मालिक के साथ संपर्क किया था। उसे भरोसा दिलाया गया कि वह 90 हजार रुपए में उसे दुबई विजिट टू वर्क का वीजा दिला देंगे। आरोप है कि जैसे ही वह दुबई पहुंचा तो एयरपोर्ट पर पाकिस्तानी एजैंट उसे लेने आया जिसने आते ही उससे पासपोर्ट छीन लिया और बाद में उसे मुर्गीखाने में रात बिताने को भेज दिया। उसके बाद उसे पाकिस्तानी व्यक्ति की वर्कशाप पर नौकरी दिलायई जहां उसे खाना तक नहीं दिया गया और न ही काम करवा कर सैलरी दी गई।
विरोध करने पर पाकिस्तानी एजैंट ने उसकी जॉब बदल दी और फिर से पाकिस्तानी व्यक्ति की फैक्टरी में नौकरी दिला दी। वहीं पर भी 2 माह की सैलरी नहीं दी जिसके बाद एजैंट को उसने वापिस भेजने को कहा तो एजैंस उसे दुबई के एक गंदे से इलाके में ले गया, जहां पहले से पंजाबी और हिमाचल के लड़के-लड़कियां फंसे हुए थे।