Edited By Subhash Kapoor,Updated: 05 Sep, 2026 10:38 PM

आदमपुर में शनिवार देर शाम हलका विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने अपने समर्थकों के साथ पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने डीएसपी आदमपुर और थाना प्रभारी पर अपने कार्यकर्ताओं व आम लोगों के साथ कथित तौर पर धक्केशाही करने और नाजायज मामले...
आदमपुर: आदमपुर में शनिवार देर शाम हलका विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने अपने समर्थकों के साथ पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने डीएसपी आदमपुर और थाना प्रभारी पर अपने कार्यकर्ताओं व आम लोगों के साथ कथित तौर पर धक्केशाही करने और नाजायज मामले दर्ज करने के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
विधायक कोटली ने आरोप लगाया कि आदमपुर पुलिस सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की ‘बी टीम’ के तौर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और आम लोगों को कथित रूप से परेशान किया जा रहा है और कानून को ताक पर रखकर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने हाल ही में चोमों गांव में दर्ज मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी पक्ष के इशारे पर उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें थाने में बंद कर दिया गया, जबकि दूसरी पक्ष के लोगों को पूछताछ के लिए भी नहीं बुलाया गया।
विधायक ने संघवाल में गदरी बाबों के स्थान से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां सभी की सहमति से आंगनवाड़ी सेंटर चल रहा था, लेकिन कुछ आप नेताओं द्वारा गदरी बाबों का नाम हटाकर केवल ‘आंगनवाड़ी सेंटर’ लिख दिया गया। इसके बाद उनके कई साथियों और गांववासियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।
उन्होंने अलावलपुर मामले को लेकर भी पुलिस पर कार्रवाई में पक्षपात का आरोप लगाया। कोटली के अनुसार, ब्लॉक प्रधान सुभाष भनोट और उनके साथियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया, जबकि उनकी ओर से दी गई MLR के बावजूद दूसरी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
प्रदर्शन के दौरान आदमपुर थाना प्रभारी पंकज कुमार भनोट थाने से बाहर आए। काफी गहमागहमी के बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से बातचीत की और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि इन मामलों में अन्य पक्षों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद अलावलपुर मामले में सुभाष भनोट के बयानों पर क्रॉस केस दर्ज किया गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
