Edited By Kalash,Updated: 06 Sep, 2026 11:57 AM

यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने नई पहल की है।
जालंधर (स.ह.,सुधीर): यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने नई पहल की है। ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे उपलब्ध करवाए गए हैं। ड्यूटी के दौरान इन कैमरों से पुलिस कर्मचारियों की गतिविधियों के साथ-साथ वाहन चालकों और आम लोगों से होने वाली बातचीत भी रिकॉर्ड की जा सकेगी। बता दें कि 2022 में भी ट्रैफिक पुलिस के लिए बॉडी कैमरे दिए गए थे। गत दिन पुलिस कर्मी की ट्रक चालक से हुई थप्पड़ मारने की घटना के बाद पुलिस ने फिर से बॉडी कमरे लगाने का निर्णय लिया है।
पुलिस के अनुसार, बॉडी कैमरों के इस्तेमाल से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर की जाने वाली कार्रवाई अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी। किसी कार्रवाई को लेकर विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में कैमरे की रिकॉर्डिंग से घटनाक्रम की वास्तविकता की जांच करने में भी मदद मिलेगी। बॉडी कैमरों से ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई रिकॉर्ड होने से पुलिसकर्मियों की जवाबदेही बढ़ेगी।
वहीं वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी यह भरोसा मिलेगा कि यातायात नियम लागू करने की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार की जा रही है। कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जिम्मेदार पुलिसिंग, निष्पक्ष यातायात प्रवर्तन और पुलिस-जनता के बीच बेहतर संवाद को बढ़ावा मिलेगा। लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा में सहयोग देने की अपील भी की गई है।
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