Edited By Kalash,Updated: 12 Sep, 2026 03:08 PM
पंजाब में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के बढ़ते मामलों के बीच अब पायल क्षेत्र में भी इसकी दस्तक हो गई है।
पायल/दोराहा (विनायक): पंजाब में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के बढ़ते मामलों के बीच अब पायल क्षेत्र में भी इसकी दस्तक हो गई है। पायल क्षेत्र से संबंधित एक मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई है, जो इस समय लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उपचाराधीन है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मरीज की हालत अब ठीक बताई जा रही है और उसकी उम्र लगभग 40 से 50 वर्ष के बीच है। खास बात यह है कि मरीज के आसपास किसी अन्य बुखार से पीड़ित व्यक्ति का मामला सामने नहीं आया। पायल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरविंदर सिंह ने बताया कि मरीज का स्वास्थ्य अब स्थिर है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी गांव मंडियाला कलां से संबंधित एक मामला सामने आया था, लेकिन वह व्यक्ति माइग्रेंट था और कुछ दिन पहले ही क्षेत्र में आकर रहने लगा था।
जुकाम, खांसी या बुखार को हल्के में न लें लोग
एस.एम.ओ. डॉ. हरविंदर सिंह ने आम लोगों से अपील की कि मौसम में बदलाव के दौरान यदि किसी व्यक्ति को जुकाम, खांसी या बुखार होता है तो इसे केवल सामान्य मौसमी बुखार समझकर नजरअंदाज न किया जाए। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सांस के माध्यम से फैल सकता है, इसलिए खांसते या छींकते समय सावधानी बरतना, हाथों को बार-बार साबुन से धोना, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना और आवश्यकता पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। बीमारी के लक्षण होने की स्थिति में स्वयं दवा लेने की बजाय डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
स्वाइन फ्लू, कोविड और डेंगू के मामलों पर नजर रखने की जरूरत: डॉ. गुरसरण कौर सिद्धू
इसी दौरान सिद्धू अस्पताल एवं सिद्धू कॉलेज ऑफ नर्सिंग दोराहा की डॉयरेक्टर एवं गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. गुरसरण कौर सिद्धू ने कहा कि पंजाब में इन दिनों स्वाइन फ्लू के साथ-साथ कोविड और डेंगू के मामलों को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। अस्पतालों की ओ.पी.डी. में रोजाना बुखार, खांसी, जुकाम और सांस से संबंधित लक्षणों वाले मरीज पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।
डॉ. सिद्धू ने बताया कि स्वाइन फ्लू, सामान्य वायरल बुखार और अन्य सांस संबंधी संक्रमणों के लक्षण कई बार एक जैसे हो सकते हैं। बुखार, खांसी, गले में दर्द, नाक बहना, शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से हृदय या फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को सांस लेने में अधिक परेशानी, लगातार तेज बुखार या अन्य गंभीर लक्षण हों, उन्हें तुरंत चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए। हल्के लक्षणों वाले मरीजों को भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार और आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए।
मौसम की नमी से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा
डॉ. गुरसरण कौर सिद्धू के अनुसार बारिश और नमी वाले मौसम में विभिन्न मौसमी संक्रमणों के फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो जाती हैं। दूसरी ओर सार्वजनिक स्थानों पर जमा पानी मच्छरों की पैदावार बढ़ाता है, जिससे डेंगू का खतरा भी बना रहता है। इसलिए लोगों को अपने घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोगों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहले की तुलना में बढ़ी है और अब कई लोग लक्षण दिखाई देने पर शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों से संपर्क कर रहे हैं। हालांकि निजी अस्पतालों में कुछ जांचों की फीस अधिक होने के कारण कई लोग टेस्ट करवाने से गुरेज करते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि बीमारी को स्वयं पहचानने या खुद दवा लेने की बजाय योग्य डॉक्टर की सलाह लेना अधिक सुरक्षित है।
पंजाब में 1723 संदिग्ध मरीजों में से 281 पॉजिटिव
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। अब तक प्रदेश में 1723 संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है, जिनमें से 281 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। फिलहाल स्वाइन फ्लू के कारण किसी मौत की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
जिला-वार आंकड़ों में लुधियाना 84 पॉजिटिव मामलों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद एस.ए.एस. नगर में 42 और पटियाला में 31 मामले दर्ज किए गए हैं। जालंधर में 15, अमृतसर में 11, बठिंडॉ और होशियारपुर में 10-10, रूपनगर में 9, जबकि संगरूर और मलेरकोटला में 8-8 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 11 सितंबर को ही 35 संदिग्ध मरीज सामने आए, जिनमें से 11 की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई।
पिछले वर्ष की तुलना में मामलों में बड़ा इजाफा
आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष एच1एन1 के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में सितंबर के अंत तक पंजाब में केवल 7 मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस वर्ष अब तक 281 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। लुधियाना सहित पंजाब के कई क्षेत्रों में मौसमी फ्लू और सांस संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ने के कारण लोगों को स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों का पालन करने की जरूरत है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क और हाथों की सफाई पर जोर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवश्यकता के अनुसार मास्क का इस्तेमाल किया जाए, हाथों को बार-बार साबुन से धोया जाए और खांसी या छींक आने के समय मुंह को ढका जाए। बुखार, खांसी या सांस संबंधी परेशानी होने पर बीमारी को हल्के में न लेते हुए समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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