Edited By Kalash,Updated: 05 May, 2026 11:29 AM

रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय (आर.टी.ओ.) के अधीन संचालित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर में आज बिजली बंद रहने के कारण लाइसैंस से जुड़े काम बुरी तरह प्रभावित हुए।
जालंधर (चोपड़ा): रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय (आर.टी.ओ.) के अधीन संचालित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर में आज बिजली बंद रहने के कारण लाइसैंस से जुड़े काम बुरी तरह प्रभावित हुए। सुबह से ही सैंटर की बिजली सप्लाई ठप्प होने के चलते ड्राइविंग टैस्ट, दस्तावेजों की वैरीफिकेशन और अन्य सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह रुक गईं, जिससे सैंकड़ों आवेदकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह सैंटर खुलते ही बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। इसके चलते टैस्ट ट्रैक, कम्प्यूटर सिस्टम और अन्य जरूरी उपकरण काम नहीं कर पाए। कई आवेदक जो सुबह से ही पहुंचे थे, उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। करीब 2 घंटे बाद प्रशासन द्वारा जैनरेटर चलाकर काम शुरू किया गया, जिससे कुछ राहत मिली।
हालांकि यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। जैनरेटर करीब एक से डेढ़ घंटे चलने के बाद बंद हो गया, जिसके चलते एक बार फिर पूरे कामकाज पर ब्रेक लग गया। इससे सैंटर में अव्यवस्था का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। दोपहर में लंच ब्रेक के बाद जब बिजली सप्लाई बहाल हुई, तब जाकर ड्राइविंग टेस्ट और अन्य प्रक्रियाएं दोबारा शुरू हो सकीं। लेकिन तब तक कई आवेदक थककर वापस लौट चुके थे, जबकि कुछ को अपना नंबर आने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। गर्मी के कारण हालात और भी खराब हो गए। सेंटर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने के चलते महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान नजर आए।
कई लोग धूप में खड़े रहने को मजबूर रहे। एक आवेदक दीपक कुमार ने बताया कि हम सुबह से यहां खड़े हैं, लेकिन बार-बार बिजली और जनरेटर की समस्या के कारण काम नहीं हो पा रहा। गर्मी में हालात बहुत खराब हो गए हैं। वहीं एक महिला आवेदक नीतू मेहता ने कहा कि सेंटर में न तो बैठने की पर्याप्त जगह है और न ही पीने के पानी की सही व्यवस्था। बुजुर्गों के लिए तो यह और भी मुश्किल हो गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे महत्वपूर्ण केंद्रों पर बिजली बैकअप की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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